Sambhal Violence
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर, जिन्होंने हाल ही में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कड़ा फैसला सुनाया था, उनका तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया है। इस तबादले ने कानूनी और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि उन्हें सीजेएम के पद से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात किया गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर उनके फैसले की सजा के तौर पर किया गया ‘डिमोशन’।
जज के तबादले की खबर आते ही समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य कभी स्थानांतरित नहीं होता, वह अचल रहता है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की सुरक्षा केवल एक स्वतंत्र न्यायपालिका ही कर सकती है। सपा प्रमुख का यह बयान इस मामले को अब और भी बड़ा सियासी रंग दे चुका है।
विभांशु सुधीर चर्चा में तब आए जब उन्होंने 9 जनवरी को संभल की शाही मस्जिद हिंसा मामले में ऐतिहासिक आदेश दिया। उन्होंने तत्कालीन एएसपी और पूर्व सीओ अनुज चौधरी समेत करीब 20 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि पुलिस की कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन हुआ और निर्दोषों को निशाना बनाया गया। इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, क्योंकि अनुज चौधरी जैसे अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई थी।
अदालती आदेश के बावजूद संभल पुलिस ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। संभल के एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं करेगी। पुलिस प्रशासन का तर्क है कि मामले की न्यायिक जांच पहले ही की जा चुकी है और वे निचली अदालत के इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। एक तरफ अदालत का डंडा और दूसरी तरफ पुलिस का इनकार, इस स्थिति ने संभल प्रशासन के सामने एक असहज स्थिति पैदा कर दी है।
कानूनी विशेषज्ञों के बीच विभांशु सुधीर के नए पदभार को लेकर काफी चर्चा है। आमतौर पर सीजेएम का पद जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेटों में प्रमुख होता है। उन्हें वहां से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) बनाया जाना कई लोग ‘डिमोशन’ के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे एक नियमित स्थानांतरण बताया जा रहा है। संभल में अब उनकी जगह आदित्य सिंह को नया सीजेएम नियुक्त किया गया है।
संभल हिंसा का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह कार्यपालिका बनाम न्यायपालिका की लड़ाई में तब्दील होता दिख रहा है। जज के तबादले और पुलिस के इनकार के बीच पीड़ितों को न्याय की उम्मीद धुंधली पड़ती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह मामला उच्च न्यायालय में जा सकता है, जहां तय होगा कि सीजेएम विभांशु सुधीर का आदेश बरकरार रहेगा या पुलिस की दलीलें भारी पड़ेंगी।
PBKS vs MI Result : आईपीएल 2026 के ताजा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब…
Modi Cabinet 2.0: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आगामी 21 मई 2026 को मंत्रिपरिषद…
Shani Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में शनि देव को एक न्यायप्रिय देवता और कर्मफल…
Deepak Bati Niyam : हिंदू धर्म में दीपक जलाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि ईश्वर के…
Aaj Ka Rashifal 15 May 2026: आज 15 मई 2026 दिन शुक्रवार है. कल का…
Sabarimala Case: उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं…
This website uses cookies.