Sanjay Raut Book
Sanjay Raut Book: शिवसेना (यूबीटी) के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए भारतीय राजनीति के गलियारों में हलचल मचा दी है। अपनी आगामी किताब ‘हेवन इन हेल’ के संदर्भ में चर्चा करते हुए राउत ने बताया कि वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक संकट के समय शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने किस प्रकार मदद की थी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी (शिवसेना) ने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया, उसे ही आज तोड़ने का काम किया गया है।
संजय राउत ने ये चौंकाने वाली बातें वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद कपिल सिब्बल के विशेष कार्यक्रम ‘दिल से’ के दौरान साझा कीं। साक्षात्कार में राउत ने उन दिनों को याद किया जब अमित शाह कानूनी पचड़ों में फंसे थे और गुजरात से ‘तड़ीपार’ (निर्वासित) थे। राउत के अनुसार, यह वह दौर था जब शाह को राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा था और वे मदद की तलाश में मुंबई पहुंचे थे।
संजय राउत ने खुलासा किया कि जब अमित शाह तड़ीपार थे, तब वे मदद मांगने के लिए शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के गेट पर आकर रुके थे। राउत ने बताया कि शाह का संदेश बाल ठाकरे तक पहुंचाया गया और काफी इंतजार के बाद अगले दिन उनकी मुलाकात संभव हो पाई। अमित शाह ने उस समय अपनी पूरी स्थिति बाल ठाकरे को बताई और मुंबई में चल रहे अपने केसों को लेकर सहयोग की गुहार लगाई।
साक्षात्कार में दावा किया गया कि अमित शाह की परेशानी सुनने के बाद बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी को निर्देश दिया कि वे संबंधित जज से मुलाकात करें और उनसे फोन पर बात करवाएं। संजय राउत के अनुसार, बाल ठाकरे ने स्वयं जज से फोन पर बात की और अमित शाह को ‘सहयोग’ करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्हें राहत मिली। राउत ने इस घटनाक्रम को अपनी किताब में विस्तार से दर्ज किया है ताकि भविष्य की पीढ़ियां इसे जान सकें।
राउत ने केवल शाह ही नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक और किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब अमित शाह के खिलाफ एसआईटी जांच चल रही थी। उस समय जांच में महाराष्ट्र कैडर का एक वरिष्ठ अधिकारी सहयोग करने को तैयार नहीं था। राउत का दावा है कि तब नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से मदद मांगी थी। पवार ने अपनी राजनीतिक उदारता दिखाते हुए उस अधिकारी से बात की और जांच से बचने का रास्ता निकालने में मदद की।
संजय राउत ने इन पुरानी कहानियों का जिक्र करते हुए भाजपा के वर्तमान नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा उसी शिवसेना को खत्म करने पर तुली है जिसने संकट के समय उनके शीर्ष नेताओं का हाथ थामा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति में नैतिकता और पुरानी दोस्ती का अब कोई मोल नहीं रह गया है?
संजय राउत की किताब ‘हेवन इन हेल’ इन दिनों काफी चर्चा में है। राउत का कहना है कि उन्होंने अपनी इस किताब में भारतीय राजनीति के कई ऐसे अनकहे सच और घटनाओं का जिक्र किया है, जो अब तक जनता की नजरों से ओझल थे। यह किताब न केवल शिवसेना और भाजपा के रिश्तों के उतार-चढ़ाव को बयां करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे विचारधाराओं से ऊपर उठकर कभी नेताओं ने एक-दूसरे की व्यक्तिगत स्तर पर मदद की थी।
Read More; BJP Foundation Day 2026: 46 साल पहले ऐसे खिली थी ‘भाजपा’, जानें जनसंघ से अब तक का ऐतिहासिक सफर
Pawan Khera: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के लिए कानूनी गलियारों…
Ambikapur Murder Case : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर को दहला देने वाले जघन्य बलात्कार और…
IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की…
BHC Recruitment: अगर आप कानून (Law) के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी का सपना…
Moolagummi Waterfall : आंध्र प्रदेश के आल्लूरी सीतारामाराजू (ASR) जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर…
Iran-US War : अमेरिका के साथ अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के बाद ईरान के नए सुप्रीम…
This website uses cookies.