Savithri Sreedharan Death : मलयालम सिनेमा और थिएटर जगत की जानी-मानी अभिनेत्री सावित्री श्रीधरन का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अभिनेत्री ने बुधवार को केरल के कोझिकोड स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। रिपोर्ट के मुताबिक, सावित्री श्रीधरन लंबे समय से उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मलयालम फिल्म और थिएटर जगत से जुड़े कलाकारों और प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।
कोझिकोड टाउन हॉल में अंतिम दर्शन की व्यवस्था
सावित्री श्रीधरन के पार्थिव शरीर को बुधवार, 23 सितंबर को कोझिकोड के टाउन हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। यहां आम लोग और उनके प्रशंसक दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। इसके बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अभिनेत्री के निधन से उनके लंबे थिएटर और फिल्मी सफर से जुड़े लोगों में भी गहरा दुख है।
‘सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया’ से मिली खास पहचान
सावित्री श्रीधरन को साल 2018 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया’ में जमीला के किरदार के लिए खास तौर पर जाना जाता है। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म समीक्षकों ने भी पसंद किया था। सीमित फिल्मी काम के बावजूद उन्होंने अपने सहज और प्रभावी अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। जमीला का किरदार उनके करियर के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल रहा।
अभिनय के लिए मिले कई महत्वपूर्ण सम्मान
‘सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया’ में शानदार अभिनय के लिए सावित्री श्रीधरन को कई सम्मान मिले। साल 2019 में उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट कैरेक्टर एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में स्पेशल मेंशन भी मिला था। उनके अभिनय को खास तौर पर उनकी स्वाभाविक शैली और किरदार में सहजता के लिए सराहा गया।
16 साल की उम्र में शुरू किया था थिएटर का सफर
सावित्री श्रीधरन ने बेहद कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में थिएटर से अपने सफर की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने करीब दो दशक तक अमेचर थिएटर में काम किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग नाटकों और मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए अभिनय की बारीकियों को समझा और अपनी अलग पहचान बनाई।
प्रोफेशनल थिएटर में भी बनाई मजबूत पहचान
अमेचर थिएटर में लंबे समय तक काम करने के बाद सावित्री श्रीधरन प्रोफेशनल थिएटर से जुड़ीं। उन्होंने कई वर्षों तक मंच पर अभिनय किया और केरल के नाट्य जगत में अपनी खास जगह बनाई। थिएटर के लंबे अनुभव ने उनके अभिनय को गहराई दी, जिसका असर बाद में उनके फिल्मी किरदारों में भी दिखाई दिया। मंच उनके अभिनय करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
‘कडवु’ से फिल्मों में रखा था कदम
सावित्री श्रीधरन ने साल 1991 में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने मशहूर लेखक और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित एम.टी. वासुदेवन नायर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘कडवु’ से फिल्मी करियर की शुरुआत की। हालांकि फिल्मों में उन्हें व्यापक पहचान हासिल करने में कई वर्ष लग गए। इसके बावजूद उन्होंने थिएटर में लगातार सक्रिय रहते हुए अपनी अभिनय यात्रा जारी रखी।
जमीला के किरदार ने दिलाई नई पहचान
साल 2018 में ‘सुडानी फ्रॉम नाइजीरिया’ में जमीला की भूमिका निभाने के बाद सावित्री श्रीधरन को फिल्म जगत में व्यापक पहचान मिली। यह किरदार उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके अभिनय की ऊर्जा और सहजता ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। फिल्म की सफलता के साथ उनके अभिनय को भी व्यापक सराहना मिली।
लंबे अभिनय सफर के बाद दुनिया को कहा अलविदा
सावित्री श्रीधरन ने अपने दशकों लंबे करियर में थिएटर और सिनेमा दोनों क्षेत्रों में योगदान दिया। उन्होंने कम फिल्मों में काम करने के बावजूद यादगार किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाई। उनके निधन से मलयालम सिनेमा और केरल के थिएटर जगत ने एक अनुभवी कलाकार को खो दिया है। उनके अभिनय और रंगमंच से जुड़े योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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