अंतरराष्ट्रीय

SCO Summit 2025: शी जिनपिंग ने जताई कोल्ड वॉर मानसिकता के खिलाफ चेतावनी

SCO Summit 2025: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को तियानजिन में शुरू हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 के उद्घाटन सत्र में विश्व के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात पर गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने सभी देशों से न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन करने की अपील की और कोल्ड वॉर जैसी मानसिकता, गुटबाजी और दबाव बनाने वाली हरकतों का विरोध करने को कहा।

शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में विशेष रूप से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए वैश्विक शांति, स्थिरता और सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उनका यह संदेश उस समय आया है जब विश्व की दो प्रमुख शक्तियों, चीन और अमेरिका के बीच तनाव गहरा रहा है।

चीन और अमेरिका के बीच क्यों बढ़ रहा तनाव?

चीन और अमेरिका के बीच आर्थिक और राजनीतिक तनाव 2018 से तेज हुआ, जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने चीन पर भारी टैरिफ लगाकर ट्रेड वॉर छेड़ दिया। इस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर 100 प्रतिशत से अधिक टैरिफ लगाए, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आई। हालांकि बाद में कुछ समझौते हुए, लेकिन तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

यह तनाव अब रूस और भारत जैसे अन्य देशों तक भी फैल चुका है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत पर भी 50% टैरिफ लगाए हैं, खासकर यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर।

पुतिन पर युद्धविराम का दबाव बढ़ा रहा ट्रंप

ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बनाया है। इस दिशा में उन्होंने अलास्का में पुतिन से मुलाकात की और बाद में वाशिंगटन डीसी में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से द्विपक्षीय बैठक की। ट्रंप की ये कोशिशें रूस-यूक्रेन संघर्ष को कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।

SCO समिट 2025 में कौन-कौन से देश शामिल?

31 अगस्त से चीन के तियानजिन में शुरू हुए इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में प्रमुख सदस्य देशों के रूप में चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। इसके अलावा 16 देश पर्यवेक्षक या संवाद साझेदार के तौर पर इस बैठक में भाग ले रहे हैं।

शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, आतंकवाद और अलगाववाद से निपटना तथा सदस्य देशों के बीच सामरिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है।

शी जिनपिंग का यह संदेश अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई दिशा की ओर संकेत करता है, जिसमें विश्व को साझा हितों और न्याय के आधार पर काम करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल्ड वॉर जैसी मानसिकता और गुटबाजी से विश्व को बचाने की जरूरत है। ऐसे में SCO जैसे मंच पर देशों के बीच सहयोग और समझौता विश्व शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

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