Sehore Double Murder: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ खून के रिश्तों पर लालच और नफरत इस कदर हावी हुई कि एक सगे चाचा ने अपने ही भतीजे और भतीजी की निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार की सुबह हुई इस घटना ने पूरे सिद्धिकगंज थाना क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। जमीन के एक टुकड़े के लिए शुरू हुआ विवाद अब दो मासूम जिंदगियों के खात्मे और एक परिवार की बर्बादी पर आकर रुका है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
सुबह का खौफनाक मंजर: परीक्षा देने जा रहे भाई-बहन पर हमला
घटना सिद्धिकगंज थाना अंतर्गत आने वाले धर्मपुरी गांव की है। शुक्रवार की सुबह करीब 7:30 बजे, जब पूरा गांव अपनी दिनचर्या शुरू कर रहा था, तब 20 वर्षीय शीतल मालवीय और उसका छोटा भाई 19 वर्षीय कुलदीप मालवीय अपने घर से परीक्षा (एग्जाम) देने के लिए निकले थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनके अपने ही रिश्तेदार रास्ते में मौत बनकर उनका इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही दोनों भाई-बहन रास्ते में पहुंचे, उनके सगे चाचा हरिसिंह मालवीय और उसके बेटे ने उन्हें घेर लिया और अंधाधुंध हमला शुरू कर दिया।
जमीन का पुराना विवाद बना जान का दुश्मन
सीहोर एसपी दीपक शुक्ला के अनुसार, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह लंबे समय से चला आ रहा जमीन का विवाद है। आरोपी हरिसिंह मालवीय और मृतकों के पिता जगदीश मालवीय सगे भाई हैं। दोनों परिवारों के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से तनातनी चल रही थी। यह रंजिश इस कदर बढ़ गई कि हरिसिंह ने अपने ही भाई के बच्चों को निशाना बनाने की साजिश रच डाली। डंडों और लाठियों से किए गए इस अचानक हमले में दोनों भाई-बहन बुरी तरह लहूलुहान हो गए।
मौके पर ही दम तोड़ा: पुलिस की शुरुआती जांच और कार्रवाई
हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शीतल और कुलदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर चोटों के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। एसपी दीपक शुक्ला सहित पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ धर्मपुरी गांव पहुंचे। पुलिस ने प्रारंभिक साक्ष्य जुटाने के बाद शवों को कब्जे में लिया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
आरोपी पिता-पुत्र हिरासत में: कठोर सजा की मांग
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चाचा हरिसिंह मालवीय और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि हमले की पूरी योजना और इसमें शामिल अन्य संभावित कड़ियों का खुलासा हो सके। जगदीश मालवीय के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्होंने एक ही झटके में अपने दोनों जवान बच्चों को खो दिया। ग्रामीणों में भी इस कायराना हरकत को लेकर भारी रोष है और वे दोषियों को फांसी जैसी कठोरतम सजा देने की मांग कर रहे हैं।
रिश्तों का कत्ल: सामाजिक चिंता का विषय
सीहोर की यह घटना समाज में बढ़ते असहिष्णुता और संपत्ति के प्रति अंधे मोह को दर्शाती है। जहाँ भाई-भाई के बीच प्रेम होना चाहिए, वहाँ जमीन के टुकड़े के लिए सगे भतीजे-भतीजी का खून बहाना मानवीय संवेदनाओं के खत्म होने का प्रमाण है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की डायरी मजबूती से तैयार की जाएगी ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को जल्द से जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके। फिलहाल, पूरे इलाके में गम और गुस्से का माहौल है।
















