अंबिकापुर @thetarget365 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय असोला में पदस्थ व्याख्याता जीव विज्ञान अनिता मंदिलवार का राज्य स्तरीय शिक्षक (राज्यपाल) पुरस्कार 2024 के लिए नाम चयनित होने पर संस्था प्राचार्य मंजुलिका गौर व विद्यालय परिवार गौरवान्वित है, उन्होंने इन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

साहित्य लेखन कार्यशाला के माध्यम से लेखन और कहानियों की पुस्तक का स्थानीय भाषा में अनुवाद, नवाचार के माध्यम से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। इन्होंने जीव विज्ञान, हिन्दी साहित्य और अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर के साथ पीजीडीसीए, बीएड किया है। इन्हें लगभग 800 सम्मान के साथ अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले हैं। आकाशवाणी से इन्हें वाणी सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है।
विद्यालय में इनके मार्गदर्शन में विज्ञान के साथ-साथ नृत्य, गीत, नाटक, सेमिनार जैसे आयोजनों में बच्चों की राज्य स्तर पर प्रतिभागिता रही है। इन्होंने राज्य स्तर पर जनवरी 2022 में कक्षा 5वीं से 8वीं एवं 9वीं से 12वीं के लिए दो कहानियों की पुस्तक का स्थानीय भाषा में अनुवाद एसईसीआरटी, समग्र शिक्षा और रूम-टू-रीड के लिए किया। सितंबर 2022 में राज्य स्तरीय बाल साहित्य लेखन कार्यशाला के माध्यम से बच्चों के लिए स्टोरी कार्ड, दीदी का पिटारा लेखन में भागीदारी निभाई। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए पुस्तक अदला-बदली और सरयु बना सियाना का सरगुजिहा अनुवाद किया। नवाचार के लिए इन्हें टीचर एनोवेशन अवार्ड दिया गया। वहीं स्टोरी वेवर पर कक्षा पहली से पांचवीं तक के लिए कहानियों का अनुवाद एवं इनकी स्वरचित बच्चों की कहानियों का प्रकाशन किया गया है। जिला स्तरीय प्रदर्शनी 2022-23 में मॉडल का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ, जिसमें इन्हें इंस्पायर अवार्ड मिला। बाल विज्ञान कांग्रेस के तत्वावधान में होने वाले प्रायोजना प्रदर्शन में शिक्षिका के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए इन्हें प्रमाण पत्र मिला। रेडियो शैक्षिक कार्यक्रम अनुगूंज में विद्यालय से बच्चों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करवाने, बेकार प्लास्टिक का उपयोग करके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्यालय में बच्चों की सहायता से प्लास्टिक बाटल गार्डेन का निर्माण इनकी उपलब्धियों की कड़ी से जुड़ा है। आकाशवाणी अंबिकापुर में विगत 23 वर्षों से महिलाओं के कार्यक्रम घर आंगन कार्यक्रम में प्रसारण के साथ ही लगभग 30 रेडियो नाटक, 20 रेडियो रूपक इन्होंने लिखे हैं। कई कहानियों, कविताओं का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन से हुआ। उनकी रचनाएं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकाडर््स, ऑफिशियल वर्ल्ड रिकार्ड्स, लंदन वर्ल्ड रिकार्ड्स, वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकार्ड्स में शामिल हुई हैं। रायपुर दूरदर्शन और आकाशवाणी अंबिकापुर से इनकी कहानी, कविताओं, नाटक, रूपक का प्रसारण के साथ शैक्षिक व साहित्यिक लगभग 40 पुस्तकों का संपादन भी उन्होंने किया है।
कर्तव्य पथ पर हौसला बढ़ाने वालों को शिक्षिका ने किया सलाम
सेजेस केशवपुर में पदस्थ शिक्षिका बन्दना महथा को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार, राज्यपाल पुरस्कार 2024 देने की घोषणा की गई है। इसका श्रेय उन्होंने उन शिक्षकों दिया है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर हमेशा उनका हौसला बढ़ाया, पिछले 15 वर्षों से निरंतर उनका साथ दिया।

शिक्षिका ने कहा है कि केशवपुर में पदस्थ होने के बाद से ही उनकी कोशिश सदैव छात्रहित में रहकर कार्य करने की रही है। पढ़ाई में कमजोर व विशेष रूप से आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए वे निरंतर सहायता करते रही हैं। किशोरी बच्चियों की समस्या को जानकर उन्हें मुलभूत सुविधाएं निरंतर उपलब्ध कराती आ रही हैं। विद्यालय एवं किचन गार्डन का सौंदर्यीकरण, अनुशासन बनाए रखने में भी उनका अभूतपूर्व योगदान रहा है। कोरोना काल में शिक्षा में विशेष योगदान के लिए प्रमुख सचिव द्वारा उन्हें विशेष सम्मान तथा राज्य स्तर पर उन्हें सम्मानित किया गया है। विगत कई वर्षों से प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला के वेबसाइट एवं किताबों के कवर पेज में उनके कार्य को निरन्तर स्थान मिला है। बन्दना महथा को वर्ष 2022 दौरान गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट कार्य हेतु सम्मान, 2012 में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण अंतर्गत ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया है।