डेस्क@thetarget365 : तंत्र-मंत्र और अलौकिक शक्तियों के नाम पर ठगी और यौन शोषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। संभल पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसे ‘धनवर्षा गैंग’ के नाम से जाना जा रहा है। इस गैंग में मथुरा की जीएलए यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर और लाइब्रेरियन भी शामिल पाए गए हैं।
तंत्र विद्या की आड़ में जालसाजी और शोषण
इस गैंग का तरीका बेहद सुनियोजित और शातिराना था। आरोपी युवतियों को तंत्र क्रिया और झूठे दावों के जरिए अपने जाल में फंसाते थे। गैंग का मुख्य सदस्य प्रोफेसर, जो यूनिवर्सिटी में इनफॉर्मेशन साइंस पढ़ाता था, लड़कियों की लंबाई फीते से नापकर उन्हें “योग्य” बताकर तंत्र क्रिया के लिए चुनता था। उन्हें नकली वीडियो दिखाए जाते, जिनमें नकदी से भरे कमरे होते थे, और दावा किया जाता कि अलौकिक शक्तियों की मदद से 5 से 35 करोड़ रुपये तक कमाए जा सकते हैं।
ब्लैकमेलिंग और शारीरिक शोषण
एक बार युवतियों को विश्वास में ले लिया जाता, तो उनके साथ तंत्र क्रिया के नाम पर यौन शोषण किया जाता और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए जाते। इन्हीं माध्यमों से उन्हें ब्लैकमेल कर गैंग के कार्यों में जबरन शामिल किया जाता था।
पुलिस की कार्रवाई और सनसनीखेज खुलासे
संभल पुलिस ने 28 मार्च से इस गिरोह के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया था। अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मथुरा यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर और लाइब्रेरियन भी शामिल हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक वीडियो, चैट्स, दस्तावेज और फॉर्म मिले हैं जिन्हें लड़कियों से भरवाया जाता था। ये गिरोह पिछले सात-आठ सालों से सक्रिय था।
शिक्षा जगत में हड़कंप
जीएलए यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा जगत में भी हड़कंप मच गया है। एक जिम्मेदार और प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत व्यक्ति का ऐसा घिनौना अपराध में शामिल होना समाज में नैतिक पतन की ओर इशारा करता है।
पुलिस का बयान और अपील
संभल के एसपी ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे झूठे वादों और अंधविश्वास के जाल में न फंसे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह मामला न केवल अंधविश्वास और लालच के खतरनाक मेल को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि समाज में ऐसे अपराधों के प्रति सतर्कता और शिक्षा का स्तर कहां खड़ा है। पुलिस की तत्परता से यह गिरोह जरूर बेनकाब हुआ है, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया है कि समाज को ऐसे गिरोहों से बचाने के लिए सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है।