Stock Market Rally Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद शानदार रही है। लगातार दो दिनों की भारी गिरावट और अनिश्चितता के बाद, आज बुधवार 1 अप्रैल की सुबह दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक ‘सेंसेक्स’ करीब 1,740 अंक (2.42%) की विशाल बढ़त के साथ 73,687 के स्तर पर जा पहुँचा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ‘निफ्टी’ ने भी 511 अंकों (2.33%) की लंबी छलांग लगाकर निवेशकों को गदगद कर दिया। इस हरियाली ने पिछले कुछ दिनों से जारी मंदी के डर को पूरी तरह खत्म कर दिया है और बाजार में चौतरफा लिवाली देखी जा रही है।
शेयर बाजार में आज जो ‘रॉकेट’ जैसी रफ्तार दिख रही है, उसके पीछे सबसे बड़ा कारण सात समंदर पार अमेरिका से आई एक सुखद खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी कर संकेत दिया है कि ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध अगले दो सप्ताह के भीतर समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द अपना सैन्य ऑपरेशन बंद कर सकती है। इस एक बयान ने वैश्विक निवेशकों के मन से ‘तीसरे विश्व युद्ध’ का डर निकाल दिया। जैसे ही युद्ध खत्म होने की संभावना बढ़ी, निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों और इक्विटी बाजार में फिर से पैसा लगाना शुरू कर दिया, जिसका सीधा फायदा भारतीय बाजार को मिला।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शेयर बाजारों पर ‘दिवाली’ जैसा सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। अमेरिकी बाजार (Wall Street) में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखी गई; जहां नैस्डैक (Nasdaq) 3.8% उछला, वहीं डॉव जोन्स (Dow Jones) 1,125 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त के साथ बंद हुआ। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी है। इसी राह पर चलते हुए एशियाई बाजारों में भी आज सुबह से ही उत्सव का माहौल है। जापान का निक्केई (Nikkei) 3.29% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4.83% की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिसने भारतीय बाजार के लिए मजबूत ग्लोबल संकेत दिए।
युद्ध की आहट कम होते ही कमोडिटी बाजार, खासकर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भी गिरावट का रुख शुरू हो गया है। जो ब्रेंट क्रूड कुछ समय पहले आसमान छू रहा था, वह अब $104 से $105 प्रति बैरल के आसपास आ गया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि राहत की यह खबर अभी शुरुआती है। मार्च का महीना तेल की कीमतों के लिए ऐतिहासिक रूप से महंगा रहा है, जिसमें 64% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह 1988 के बाद किसी एक महीने में हुई सबसे बड़ी तेजी है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सप्लाई चेन पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों पर टिकी है। यदि ट्रंप के वादे के मुताबिक अगले दो हफ्तों में युद्ध विराम की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो सेंसेक्स और निफ्टी नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें क्योंकि कच्चे तेल की सप्लाई का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और आरबीआई की मौद्रिक नीति भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Read More : Diesel Price Hike Today: प्रीमियम डीजल की कीमतों में लगी आग, जानें 1 अप्रैल के नए भाव
Satyabrata Kumar VRS : देश के कई सबसे बड़े और हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की…
JEE Advanced Result : देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी और इंजीनियरिंग संस्थानों यानी भारतीय प्रौद्योगिकी…
Organic Farming : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक में स्थित धरमपुर गांव आज…
Samir Murder Case : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आ…
Virat Kohli Victory Hug : अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार, 31 मई…
Gujarat Titans Accident: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के महामुकाबले…
This website uses cookies.