Share Market
Share Market Recovery: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को जबरदस्त वापसी करते हुए निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है। सोमवार को आई ऐतिहासिक गिरावट, जिसने दलाल स्ट्रीट को हिलाकर रख दिया था, उसके बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों ने शानदार रिकवरी दर्ज की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,500 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर एक बार फिर मजबूती के साथ खड़ा दिखाई दिया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 22,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुँच गया। बाजार की इस हरियाली ने निवेशकों के करोड़ों रुपये की संपत्ति को फिर से पटरी पर ला दिया है।
बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व (Middle East) से आने वाली सकारात्मक खबरें हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिलहाल 5 दिनों के लिए टालने के फैसले ने वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंकाओं को कम कर दिया है। इस भू-राजनीतिक राहत के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारत जैसे आयात प्रधान देश की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है। इसी भरोसे के चलते आईटी, बैंकिंग और ऑटो जैसे प्रमुख क्षेत्रों (Sectors) के शेयरों में आज चौतरफा खरीदारी देखी गई।
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का उत्साह चरम पर रहा। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों ने एशियाई बाजारों में जान फूंक दी। दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक KOSPI शुरुआती कारोबार में ही करीब 4.25% उछल गया और 196.33 अंकों की बढ़त के साथ 5,602.08 के स्तर पर पहुँच गया। पिछले सत्र में इसमें 6% से ज्यादा की गिरावट आई थी। वहीं, जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) भी 1.69% की मजबूती के साथ 52,385.71 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में भी 3.32% का उछाल देखा गया, जिसने भारतीय बाजार के लिए सुबह से ही सकारात्मक संकेत दे दिए थे।
याद दिला दें कि सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने जैसा था। उस दिन सेंसेक्स 1,836 अंक और निफ्टी 601 अंक लुढ़ककर बंद हुए थे। ईरान द्वारा ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकियों और युद्ध की आहट ने निवेशकों को बिकवाली के लिए मजबूर कर दिया था। उस समय बाजार में अनिश्चितता का माहौल था और तेल की आपूर्ति बाधित होने का डर निवेशकों पर हावी था। हालांकि, 24 घंटे के भीतर बदले घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि बाजार की दिशा फिलहाल वैश्विक कूटनीति पर टिकी हुई है।
इस पूरे बाजार चक्र के केंद्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसने मध्य पूर्व के तनाव को अचानक ‘कूल डाउन’ कर दिया। सोमवार शाम ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि तेहरान के साथ बातचीत के कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, जिसे देखते हुए ईरान के ऊर्जा ढांचे और पावर प्लांट्स पर प्रस्तावित हमलों को 5 दिनों के लिए स्थगित किया जा रहा है। ट्रंप के इस बयान ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि फिलहाल पूर्ण युद्ध की स्थिति टल सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय बाजारों को संभलने का मौका मिल गया।
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