Share Market Update
Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई, जहाँ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। बुधवार सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,205.98 के मुकाबले लगभग 435 अंक या 0.56% की गिरावट के साथ 77,770.74 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 भी दबाव में रहा और 110 अंकों की कमजोरी के साथ 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर ट्रेड करता दिखा। बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण बैंकिंग सेक्टर में देखी जा रही सुस्ती मानी जा रही है।
शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर विप्रो (Wipro), टाटा स्टील (Tata Steel), पावर ग्रिड (Power Grid), बजाज फिनसर्व और टेक महिंद्रा के शेयरों में खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है, वहीं दूसरी ओर दिग्गज बैंकिंग शेयरों ने इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया है। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी में आई इस कमजोरी के कारण ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
वैश्विक मोर्चे पर, कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी ने एशियाई बाजारों के लिए ‘बूस्टर’ का काम किया है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.36% उछला, जबकि टॉपिक्स में 1.22% की तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सबसे अधिक 2.52% की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट मंगलवार को मिले-जुले रुझान के साथ बंद हुआ था। एसएंडपी 500 में 0.21% और डॉव जोन्स में 0.07% की मामूली गिरावट रही, जबकि नैस्डैक कंपोजिट अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा। निवेशक अब ईरान की स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति के अगले कदमों पर नजर गड़ाए हुए हैं।
कच्चे तेल के बाजार से बड़ी राहत की खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान में युद्ध समाप्त होने के सकारात्मक संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में भारी कमी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड, जो पिछले सत्र में $119.50 प्रति बैरल के उच्च स्तर तक पहुँच गया था, अब गिरकर $87-$90 प्रति बैरल के दायरे में आ गया है। वहीं, डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी $83.43 के आसपास स्थिर है। तेल की कीमतों में इस गिरावट से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे महंगाई दर पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है। ईरान युद्ध के कारण तेल की कीमतों में आई अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए आईईए (IEA) अपने इतिहास के सबसे बड़े आपातकालीन तेल भंडार (Emergency Oil Reserve) को जारी करने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव के तहत 182 मिलियन बैरल से अधिक तेल बाजार में उतारा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करना और कीमतों को और अधिक नीचे लाना है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर होने से बचाया जा सके।
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