Shiv Sena Attack RSS: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए संघ पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वह भारत को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाने की दिशा में बढ़ रहा है और उसका एजेंडा कट्टरपंथी शासन स्थापित करने का है। लेख में संघ के DNA, राष्ट्रवाद और उसके ऐतिहासिक योगदान पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
सामना में प्रकाशित संपादकीय में लिखा गया है कि, “RSS के DNA में कैसा राष्ट्रवाद और कैसा हिंदुत्व है, इस पर शोध होना चाहिए।” लेख में यह भी कहा गया कि आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र भारत के निर्माण में संघ की कोई भूमिका नहीं रही। इसके बावजूद संघ राष्ट्रवाद और देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करता है, जो दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं है।
लेख में सबसे तीखा बयान यह रहा कि “संघ दरअसल भारत में हिंदू जिन्ना जैसा शासन चाहता है।” संपादकीय में दावा किया गया कि संघ का असली एजेंडा सहिष्णु हिंदुत्व नहीं, बल्कि कट्टर और तानाशाही आधारित हिंदुत्व है। इसका उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना और लोकतंत्र, व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा संसद जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों की बलि चढ़ाना है।
शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनका शासन संघ के सपनों को साकार करने का माध्यम है। दोनों नेता देश को एक कट्टरपंथी मानसिकता की ओर धकेल रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता और लोकतंत्र दोनों को खतरा है।
विजयादशमी के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण को लेकर भी सवाल उठाए गए। सामना में लिखा गया कि भागवत ने कोई स्पष्ट दिशा या चेतावनी नहीं दी, बल्कि उन्होंने बीजेपी के सुर में सुर मिलाते हुए केवल औपचारिक भाषण दिया। लेख में यह भी कहा गया कि संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के बावजूद उसका राष्ट्रवाद आज भी खोखला साबित हो रहा है।
शिवसेना ने श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों का हवाला देते हुए कहा कि वहां कट्टरता और उग्र राष्ट्रवाद के चलते जन आंदोलन भड़के थे। लेख में चेतावनी दी गई कि अगर भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया गया, तो यहां भी जनाक्रोश की लहर उठ सकती है।
संघ के शताब्दी वर्ष पर केंद्र सरकार द्वारा जारी विशेष डाक टिकट और सिक्के पर तंज कसते हुए सामना ने लिखा, “संघ द्वारा गढ़ा गया भाजपा का सिक्का भ्रष्ट और नकली है। मोदी-शाह जैसे तानाशाह उसी सिक्के की उपज हैं और अब यही शासन देश की गर्दन पर सवार है।”शिवसेना (UBT) द्वारा संघ और बीजेपी पर यह हमला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी है। सामना के इस लेख से साफ है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी अब आरएसएस के मूल विचारों और कार्यशैली को सीधी चुनौती देने के मूड में है।
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