Shraddha Dubey Case : लखनऊ के कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे को लेकर नए खुलासों के दावे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तारी के बाद कथित Z गैंग से उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि गैंग ने श्रद्धा को नागपुर में संरक्षण देने का भरोसा दिया था। उसे नागपुर के नजदीक एक फार्म हाउस में ठहराने की योजना होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
फार्म हाउस में ठहरने से पहले पुलिस ने ट्रैक की लोकेशन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा को कथित तौर पर नागपुर के पास स्थित एक फार्म हाउस में बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि वहां शिफ्ट होने से पहले ही पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली और कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में कथित Z गैंग के सरगना के रूप में जुल्फिकार मोहसिन का नाम सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धा और गैंग के बीच किस तरह का संपर्क था और क्या गिरफ्तारी से पहले उसे किसी प्रकार की सहायता दी गई थी।
जुल्फिकार मोहसिन और कथित गैंग पर गंभीर आरोप
सूत्रों के मुताबिक, जुल्फिकार मोहसिन से जुड़े कथित गिरोह पर मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में कारोबारियों को धमकाने, रंगदारी मांगने और हिंसक घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। बताया गया है कि जुलाई में एक बिल्डर से कथित तौर पर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में जुल्फिकार मोहसिन समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त में इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों और संबंधित कार्रवाई का विवरण आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से सत्यापित किया जाना चाहिए।
ड्रग्स तस्करी और पार्टियों में सप्लाई के आरोपों की भी जांच
पुलिस सूत्रों का दावा है कि कथित गिरोह के संपर्क ड्रग्स की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों से भी जुड़े हो सकते हैं। रेव और पेज-3 पार्टियों में नशीले पदार्थों की सप्लाई किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों के पास नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़े कुछ अहम सबूत होने की बात कही जा रही है। पुलिस श्रद्धा और कथित गैंग के सदस्यों के बीच संपर्कों की पड़ताल भी कर रही है।
FaceTime से संपर्क और तीन आईफोन मिलने की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा और कथित गैंग के कुछ सदस्य FaceTime के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। श्रद्धा के पास से तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन उपकरणों की जांच से संपर्कों, बातचीत और संभावित डिजिटल साक्ष्यों के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, फोन से क्या सामग्री मिली है और उसका मामले से क्या संबंध है, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही संपर्कों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।
11 दिन फरार रहने के बाद नागपुर से गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद श्रद्धा दुबे करीब 11 दिनों तक फरार रही। यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश के साथ महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। उनके नेपाल सीमा तक जाने और बाद में आगरा के रास्ते नागपुर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। गिरफ्तारी से ठीक पहले श्रद्धा के लखनऊ आकर मीडिया के सामने आने की बात भी कही गई है। इन घटनाक्रमों की पुष्टि आधिकारिक जांच विवरण से की जानी चाहिए।
शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद दर्ज हुआ हत्या का मामला
यह मामला 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में हुई घटना से जुड़ा है। कैफे संचालक शिवा शर्मा की इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के परिवार ने श्रद्धा दुबे पर हत्या, मारपीट और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। फिलहाल मामले में आरोपों, कथित गैंग कनेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण है। श्रद्धा या अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है।
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