Madhya Pradesh Crime: मध्यप्रदेश के सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर के 75 वर्षीय मुख्य पुजारी, पंडित इन्द्रभान द्विवेदी की दिनदहाड़े धारदार हथियार (बके) से हमला कर हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब पुजारी सुबह करीब 8 बजे मंदिर में महाशिवरात्रि की विशेष पूजा संपन्न कर अपनी मोपेड से घर लौट रहे थे। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

वारदात का खौफनाक मंजर: चलती मोपेड पर वार और फिर सीने पर प्रहार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला पूर्व नियोजित था। जब पुजारी इन्द्रभान अपनी मोपेड से जा रहे थे, तभी आरोपी लाला केवट (55) ने अचानक चलती गाड़ी पर हमला कर दिया। हमले के कारण पुजारी अनियंत्रित होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उसने घायल पुजारी के सीने पर पैर रखकर उन्हें दबाया और बके से उनकी गर्दन और गले पर ताबड़तोड़ 8 वार किए। मौके पर मौजूद लोग इस भयावह मंजर को देखकर सन्न रह गए।
ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा: पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी
पुजारी लहूलुहान होकर सड़क पर तड़प रहे थे और कुछ ही पलों में उन्होंने दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लाला केवट ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद साहसी ग्रामीणों ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले आया। पुलिस अब हत्या के पीछे के सटीक कारणों और आरोपी की मानसिक स्थिति की जाँच कर रही है, जबकि पुजारी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिजनों का दुख: “शिवरात्रि के कारण जल्दी चले गए थे चाचा”
मृतक के भतीजे धीरेश द्विवेदी ने बताया कि उनके चाचा का जीवन सादगी और भक्ति से भरा था। वे रोज नियम से सुबह 10 बजे तक मंदिर से लौट आते थे, लेकिन आज महाशिवरात्रि होने के कारण वे काफी जल्दी पूजा करने चले गए थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने वाले एक बुजुर्ग की इस तरह निर्मम हत्या कर दी जाएगी। परिवार इस समय गहरे सदमे में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास: “ब्राह्मणों और पूजा-पाठ से रखता था द्वेष”
स्थानीय निवासियों और वकीलों ने आरोपी लाला केवट के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। स्थानीय निवासी विष्णु शर्मा और वकील राजेंद्र तिवारी के अनुसार, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह अक्सर पूजा-पाठ करने वाले लोगों और विशेषकर ब्राह्मण समुदाय के प्रति नफरत का भाव रखता था। बताया गया है कि वह पहले भी कई बार लोगों के साथ मारपीट कर चुका था और तहसीलदार लवलेश मिश्रा के घर जाकर भी गाली-गलौज की थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह हत्या केवल आपसी रंजिश नहीं, बल्कि आरोपी की विकृत और विद्वेषपूर्ण मानसिकता का परिणाम है।


















