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Bengal SIR Form: SIR फॉर्म विवाद, बंगाल में 3 करोड़ फॉर्म वितरण के पीछे का ‘राजनीतिक दांव’ क्या है?

Bengal SIR Form: देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष संशोधन और रिवीजन (SIR – Special Intensive Revision) 4 नवंबर 2025 से शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया का मकसद देशभर में वोटर लिस्ट को अपडेट करना और नए मतदाताओं के नाम जोड़ना है।

पश्चिम बंगाल में SIR का जोर-शोर से आगाज

पश्चिम बंगाल में विरोध के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने 3.04 करोड़ से अधिक फॉर्म मतदाताओं को बांट दिए हैं। राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों में BLO फॉर्म वितरित कर रहे हैं, ताकि मतदाता अपनी जानकारी जांच सकें।कोलकाता के सोनागाछी इलाके की सेक्स वर्कर्स ने भी बैठक कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि उनके पास वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। कई लोग दशकों से अपने माता-पिता से जुड़े दस्तावेज नहीं ले पाए हैं।

एनक्लेव महिलाओं की चिंता

कूचबिहार के पूर्व एन्क्लेव निवासियों ने लगभग 450 महिलाओं के नाम जिला प्रशासन को सौंपे हैं। उनका डर है कि 9 दिसंबर को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम छूट सकता है।भारत-बांग्लादेश के 1974 के भूमि सीमा समझौते और 2015 के एन्क्लेव एक्सचेंज के तहत इन महिलाओं के नाम अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 11 नवंबर से SIR प्रक्रिया पर सुनवाई के लिए तैयार है। CJI बीआर गवई की बेंच में यह मामला लिस्टेड है।
तमिलनाडु सरकार ने याचिका में SIR को चुनौती दी है। उनका दावा है कि यह प्रक्रिया असंवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा है। याचिका में कहा गया है कि असली मतदाताओं के नाम हट सकते हैं, जिससे लाखों लोग वोटिंग से वंचित हो सकते हैं।

देशभर में SIR प्रक्रिया और आंकड़े

SIR प्रक्रिया इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है:

  • अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल।

इन राज्यों में करीब 51 करोड़ वोटर्स शामिल हैं। इस प्रक्रिया में 5.33 लाख BLO और 7 लाख से अधिक BLA राजनीतिक दलों की ओर से काम करेंगे।SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता को फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होंगे। अगर किसी मतदाता का नाम दो जगह है तो उसे एक जगह से हटवाना होगा और अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, तो जोड़वाना होगा।

चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनौती

SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सटीक और अपडेटेड बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में हर पात्र मतदाता मतदान कर सके।
हालांकि, तमिलनाडु सरकार की याचिका और कुछ विशेष समुदायों की चिंताओं के चलते सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर है।इस प्रक्रिया से चुनावी लोकतंत्र को मजबूत करने और मतदाता अधिकार सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।

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