★ मनचाही मुराद मांगने दूर-दूर से आते हैं भक्त
आजमगढ़ (उत्तरप्रदेश)। आजमगढ़ जिला मुख्यालय के चौक स्थित दक्षिणमुखी मां काली की मंदिर 200 वर्ष से अधिक पुराना है। यहां प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्र के दिनों में मां के दर्शन को दूर-दूर से भक्त आते हैं और अपनी मनचाही मुराद मांगते हैं। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ लगनी शुरू हो जाती है।
कहा जाता है कि पूरे भारत में दक्षिणमुखी मंदिर एक कोलकाता में है और दूसरा आजमगढ़ में है। काली मां के इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि, जो भी भक्त यहां मन से मुराद मांगते हैं। मां अपने भक्तों की मुराद जरूर पूरी करती हैं। यही कारण है कि आज भी इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त मां के दर्शनों के लिए आते हैं।
मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं का कहना है कि दक्षिणमुखी मंदिर में भक्त जो भी मुराद मांगते हैं वो पूरी होती है। दक्षिणमुखी मंदिर के पुजारी शरद त्रिपाठी ने बताया कि दक्षिण मुखी मंदिर तांत्रिक मंदिर माना जाता है। इसलिए इस मंदिर में भक्तों की आस्था अधिक रहती है। यहां जो भी मनोकामना भक्त मांगते हैं, उनकी मनोकामना मां जरूर पूरा करती हैं। पुजारी त्रिपाठी ने बताया कि यही कारण है कि आजमगढ़ जिले में रहे बड़ी संख्या में अधिकारी जिनका इस जिले से स्थानांतरण भी हो गया है, आज भी यहां दर्शन करने आते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के कई जिलों से भक्त यहां दर्शन करने के लिए आते हैं।