अंबिकापुर @thetarget365 शहर में बीते दिनों समुदाय विशेष के आयोजन दौरान निकाले गए जुलूस में बगैर कानून की परवाह किए चारपहिया वाहनों में स्टंटबाजी का वीडियो, तस्वीरें इंटरनेट मीडिया में सुर्खियों में है। जहां एक ओर धर्म विशेष के लोगों ने कई बेहतर निर्णय लेकर जन-जन को अच्छा संदेश देने का प्रयास किया, वहीं स्टंटबाजी के परिदृश्य ने सारे प्रयासों पर पानी फेरकर रख दिया। वाहन की खिड़की से बाहर निकलकर स्टंट करने वाले शहर के किसी अंदरूनी मार्ग, मैदान में इस प्रकार की हरकत नहीं कर रहे थे, बल्कि ये शहर के प्रमुख मार्गों से बेखौफ गुजरे, जबकि त्योहार के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बैठक लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया था।
जानकारी अनुसार 15 सितम्बर की शाम को 4.30 से 5.30 बजे के बीच जुलूस के आड़ में शहर के व्यस्त मार्गों में चारपहिया वाहनों में सवार होकर कानून का माखौल उड़ाते हुए स्टंटबाजी का मामला सामने आया था। पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित वाहनों को तलाश करने अपने अधीनस्थों को निर्देशित किया था। हुल्लड़ और स्टंट का नजारा कई लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, वहीं सीसीटीव्ही में भी जगह-जगह इनकी करतूत कैद हुई है। पुलिस ने जांच के दौरान पांच वाहनों का चिन्हांकन किया है, जो घड़ी चौक से महामाया चौक तक झंडा लहराते 25-30 कार में कथित रूप से जुलूस निकाले थे। इनकी खतरनाक हरकतों पर शहर के नागरिकों ने भी आपत्ति जताई है। इसके बाद पुलिस ने वाहन क्रमांक सीजी 15 ईसी 9024, सीजी 15 ईए 3384, सीजी 15 8218, सीजी 15 डीसी 6786 व जेएच 05 एएफ 2071 सहित अन्य के चालकों के विरूद्ध धारा 125, 281, 123, 184 एमव्ही एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है।
दो दर्जन से अधिक वाहनों में सवार स्टंटबाज शहर के हृदयस्थल घड़ी चौक को भी बेखौफ होकर पार कर गए, जबकि यहां यातायात थाना है। चौक पर न सिर्फ यातायात पुलिस की मौजूदगी रहती है, बल्कि विभाग के राजपत्रित अधिकारियों का भी आना-जाना लगे रहता है। सोशल मीडिया में वायरल हुई तस्वीरों को पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और पर्व के आड़ में की जा रही बेहूदगी को आपत्तिजनक मानते हुए पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल के निर्देश पर वाहनों को चिन्हांकन शुरू किया गया। पुलिस अधीक्षक ने यह संकेत दे दिया है कि कानून व्यवस्था का माखौल उड़ाने वालों का दुस्साहस मंजूर नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे किसी जुलूस की पूर्व सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई थी। किसी भी धर्म का जुलूस हो, कम से कम कानून के दायरे को ध्यान में रखना था, जिससे आम नागरिकों के बीच गलत संदेश न जाए। जुलूस के नाम पर तेज रफ्तार में झंडा लगाकर दौड़ती वाहनों में सवार युवकों के द्वारा खिड़की, दरवाजे से बाहर निकलकर खौफनाक तरीके से झंडा लहराते किए गए प्रदर्शन को जागरूक नागरिकों ने वायरल तो किया ही, शासन स्तर तक शहर में बने माहौल को पहुंचा दिया। शहर के लोगों का कहना है कि जहां एक ओर समाज के वरिष्ठजनों ने आम जनता के बीच कुछ अच्छा संदेश देने का काम किया, वहीं चारपहिया वाहनों में सवार युवकों की खतरनाक ड्राइविंग व कानून विरोधी हरकतों ने इनकी मंशा के विपरीत कृत्य करके लोगों के बीच नकारात्मक संदेश पहुंचाया है।
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