Sugar in Petrol Tank Myth: अक्सर हम सुनते हैं कि अगर किसी की गाड़ी खराब करनी हो, तो उसकी पेट्रोल टंकी में चीनी डाल दो। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पानी में घुल जाने वाला नमक और चीनी आखिर पेट्रोल में क्यों नहीं घुलते? यह केवल एक रसायनिक पहेली नहीं है, बल्कि आपकी कार की सेहत से जुड़ा एक गंभीर सवाल भी है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो पेट्रोल का मिजाज पानी से बिल्कुल जुदा है।

केमिस्ट्री का नियम: पेट्रोल में क्यों नहीं घुलते नमक और चीनी?
रसायन विज्ञान का एक सुनहरा नियम है— ‘समान समान में ही घुलता है’ (Like dissolves like)। पानी एक ध्रुवीय (Polar) पदार्थ है, इसलिए वह नमक और चीनी जैसे ध्रुवीय पदार्थों को तुरंत अपना दोस्त बना लेता है। इसके विपरीत, पेट्रोल एक गैर-ध्रुवीय (Non-polar) पदार्थ है। नमक एक आयनिक यौगिक है जो सोडियम और क्लोराइड आयनों से बना होता है। पेट्रोल में ऐसा कोई ध्रुवीय बल नहीं होता जो इन आयनों को खींचकर अलग कर सके। यही वजह है कि पेट्रोल में नमक और चीनी डालते ही वे बिना घुले सीधे टंकी की तली में बैठ जाते हैं।
इंजन का दुश्मन: क्या चीनी और नमक कार को कबाड़ बना सकते हैं?
यह एक आम धारणा है कि चीनी पेट्रोल में घुलकर ‘चिपचिपा कीचड़’ बना देती है, लेकिन यह सच नहीं है। चीनी पेट्रोल में नहीं घुलती, बल्कि वह बारीक कणों के रूप में फ्यूल फिल्टर में जाकर फंस जाती है। इससे फ्यूल पंप को तेल खींचने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वह समय से पहले खराब हो सकता है। नमक और भी खतरनाक है; यह धातु के हिस्सों के साथ प्रतिक्रिया करके तुरंत जंग (Corrosion) पैदा करता है। यह फ्यूल टैंक, पाइपलाइनों और इंजेक्टरों को अंदर से खा जाता है, जिससे इंजन में बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।
फिल्टर की दीवार: आधुनिक कारें कितनी सुरक्षित हैं?
आजकल की आधुनिक कारों में इन कणों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम होते हैं। एक आम चीनी का कण लगभग 200 माइक्रोन का होता है, जबकि आधुनिक कारों के फ्यूल फिल्टर 10 से 30 माइक्रोन तक के छोटे कणों को भी रोकने की क्षमता रखते हैं। इसलिए, चीनी या नमक अक्सर इंजन के मुख्य सिलेंडर तक पहुँचने से पहले ही फिल्टर में रुक जाते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि नुकसान नहीं होगा; फिल्टर चोक होने से आपकी गाड़ी रास्ते में कभी भी बंद पड़ सकती है।
पानी की मिलावट: साइलेंसर से निकलती सफेद भाप है खतरे की घंटी
पेट्रोल में पानी की मिलावट नमक या चीनी से कहीं ज्यादा घातक साबित होती है। पानी भी पेट्रोल में नहीं घुलता और टंकी के नीचे बैठ जाता है। यदि यह पानी इंजन के सिलेंडर तक पहुँच जाए, तो पिस्टन इसे दबा नहीं पाता (क्योंकि पानी संकुचित नहीं होता)। इसे ‘हाइड्रोलॉक’ कहते हैं, जिससे कनेक्टिंग रॉड मुड़ सकती है या इंजन ब्लॉक में छेद हो सकता है। अगर गाड़ी चलाते समय झटके दे, अचानक बंद हो जाए या साइलेंसर से सफेद भाप निकले, तो समझ लीजिए कि ईंधन में पानी मौजूद है।
पेट्रोल और बीयर का अजीब रिश्ता: क्या होगा अगर टंकी में शराब डाल दें?
बीयर को पेट्रोल में डालने पर भी यह उसमें नहीं घुलती। बीयर में लगभग 92-96% पानी और केवल 4-8% एथेनॉल होता है। चूँकि पानी पेट्रोल में अघुलनशील है, इसलिए वह अलग होकर नीचे बैठ जाता है। दिलचस्प बात यह है कि बीयर का एथेनॉल भी पेट्रोल के साथ रहने के बजाय पानी के साथ चिपक जाता है और तली में जमा हो जाता है। यानी बीयर डालना सीधे तौर पर इंजन में पानी डालने जैसा ही विनाशकारी है।
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