Sultanpur News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के ढेसरुआ गांव के निवासी रामचेत मोची का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी बीमारी के बारे में जानने के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने न केवल उनकी मदद की थी, बल्कि उनके इलाज का भी इंतजाम किया था। रामचेत मोची के निधन की खबर सुनते ही राहुल गांधी ने उनके परिवार से मोबाइल पर संपर्क कर शोक व्यक्त किया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
Sultanpur News: राहुल गांधी ने रामचेत मोची से की थी मुलाकात
रामचेत मोची का जीवन संघर्षपूर्ण था। वह विधायक नगर चौराहे पर अपनी जूते-चप्पल सिलने की गुमटी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। पिछले साल जब राहुल गांधी कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के लिए सुल्तानपुर आए थे, तो उनका काफिला रामचेत मोची की दुकान पर अचानक रुका। राहुल गांधी ने इस मौके पर रामचेत मोची से मुलाकात की और उनके कामकाज के बारे में पूछा। इसके बाद, उन्होंने रामचेत मोची को एक नई जूता-चप्पल सिलाई की मशीन भेजी और व्यापार बढ़ाने के लिए रॉ मैटेरियल भी प्रदान किया।
Sultanpur News: दिल्ली बुलाकर मुलाकात करवाई
राहुल गांधी ने रामचेत मोची को दिल्ली बुलाया और उन्हें सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात का मौका भी दिया। इस मुलाकात के दौरान, रामचेत मोची ने अपनी बनाई हुई जूते-चप्पल राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को भेंट किए। यह एक भावुक क्षण था, जिसमें रामचेत ने अपने मेहनत से किए गए काम की पहचान पाई।
बीमारी के दौरान राहुल गांधी का सहयोग
रामचेत मोची का व्यापार राहुल गांधी की मदद से अच्छा चलने लगा था, लेकिन कुछ दिनों बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। जांच में यह पता चला कि वह कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। जैसे ही उनके परिवार ने यह जानकारी राहुल गांधी तक पहुंचाई, राहुल ने फिर से उनकी मदद की पेशकश की। उन्होंने प्रयागराज के कैंसर अस्पताल से उनका इलाज शुरू कराया। हालांकि, मंगलवार को रामचेत मोची का निधन हो गया, और यह दुखद खबर राहुल गांधी को मिली।
राहुल गांधी ने परिवार से की बात
रामचेत मोची के निधन की खबर मिलने के बाद राहुल गांधी ने उनके बेटे राघवराम से फोन पर बात की और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया। राहुल गांधी ने यह सुनिश्चित किया कि रामचेत मोची के परिवार को कोई भी कठिनाई न हो और उनकी मदद लगातार जारी रहे।
कांग्रेस नेताओं का परिवार से मिलने का सिलसिला
राहुल गांधी के निर्देश पर, अमेठी के केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय प्रभारी बृजेश तिवारी और सुल्तानपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने रामचेत मोची के घर जाकर शोक व्यक्त किया। इस दौरान, उन्होंने राहुल गांधी की तरफ से भेजी गई आर्थिक मदद भी परिवार को सौंपी। कांग्रेस नेताओं ने दुख की इस घड़ी में रामचेत मोची के परिवार के साथ खड़े रहने का वचन भी दिया और उनका समर्थन जारी रखने की बात कही।
रामचेत मोची का योगदान और संघर्ष
रामचेत मोची की जीवन यात्रा एक संघर्ष और मेहनत की कहानी थी। उन्होंने अपनी गुमटी के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण किया और कठिनाइयों के बावजूद अपने कार्य में निष्ठा दिखाई। राहुल गांधी की मदद से उनका व्यापार भी बढ़ा, और उन्हें समाज के विभिन्न हिस्सों से सम्मान मिला। हालांकि, उनकी बीमारी ने उन्हें बहुत परेशान किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी मृत्यु ने एक ओर इंसानियत की मिसाल पेश की, जिसमें एक व्यक्ति की मदद से एक दूसरे के जीवन में बदलाव आ सकता है।
कांग्रेस की लगातार मदद
रामचेत मोची के परिवार के लिए कांग्रेस पार्टी की मदद की यह पहल एक उदाहरण है कि कैसे पार्टी के नेता अपने समर्थकों और आम लोगों के प्रति संवेदनशील रहते हैं। राहुल गांधी और उनके साथियों ने न केवल रामचेत मोची की मदद की, बल्कि उनके परिवार के दुख में भी साथ दिया। अब, कांग्रेस के नेता रामचेत के परिवार को हर संभव सहारा देने का वादा कर रहे हैं।
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