Surajpur crime : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। शनिवार की सुबह विश्रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक युवती अत्यंत गंभीर स्थिति में सड़क किनारे पड़ी हुई मिली। युवती का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था, जिसे देखते ही इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवती की स्थिति नाजुक बनी हुई है और वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर विभिन्न पहलुओं से बारीकी से जांच कर रही है।

राहगीरों ने नाले के पास देखा खौफनाक मंजर
यह घटना शनिवार सुबह की है, जब विश्रामपुर-भटगांव मार्ग पर स्थित पासिंग नाला के पास से गुजर रहे लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी एक युवती पर पड़ी। युवती की स्थिति इतनी भयावह थी कि उसे देख पाना भी मुश्किल था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती लगभग पूरी तरह से जल चुकी थी और दर्द से कराह रही थी। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए इसकी सूचना विश्रामपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस के माध्यम से झुलसी हुई युवती को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विश्रामपुर ले जाया गया।
हालत नाजुक: मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर किया गया रेफर
विश्रामपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवती का शरीर 90 प्रतिशत तक झुलस चुका है। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और बेहतर न्यूरो व बर्न केयर की आवश्यकता के कारण उसे तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है और अगले कुछ घंटे युवती की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। युवती की हालत इतनी खराब है कि वह बयान देने या अपनी पहचान बताने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है।
शिनाख्त में जुटी पुलिस: लापता युवती से जुड़ रहे तार
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवती की पहचान करना है। घटनास्थल पर पुलिस को न तो कोई मोबाइल फोन मिला है और न ही कोई ऐसा दस्तावेज, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। पास के ही गोरखनाथपुर इलाके से मोनिका सिंह उर्फ मोना (18 वर्ष) नामक युवती के लापता होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को अंदेशा है कि अस्पताल में भर्ती युवती मोनिका ही हो सकती है। मोनिका के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उन्हें शिनाख्त के लिए अंबिकापुर बुलाया गया है।
खुदकुशी या साजिश? जांच के घेरे में कई सवाल
यह मामला केवल एक दुर्घटना है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा, इसे लेकर पुलिस उलझन में है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवती ने स्वयं आत्मदाह का प्रयास किया या किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे जलाकर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती वहां तक कैसे पहुंची। क्या उसे किसी वाहन से वहां छोड़ा गया था? पुलिस आसपास के ग्रामीणों और संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
क्षेत्र में दहशत और प्रशासन की अपील
इस घटना के बाद से विश्रामपुर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूरजपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी या प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य हो, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। पुलिस का कहना है कि युवती के होश में आने के बाद दिए जाने वाले बयान से ही इस खौफनाक राज से पर्दा उठ सकेगा। तब तक पुलिस सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
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