CGBSE 10th Exam: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 10वीं बोर्ड की परीक्षाओं के बीच सूरजपुर जिले से नकल का एक गंभीर मामला सामने आया है। शनिवार को आयोजित गणित विषय की परीक्षा के दौरान उड़नदस्ता टीम ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े हो गए। कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक दावों के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधनों का उपयोग पाया गया। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए न केवल छात्रों पर कार्रवाई की है, बल्कि परीक्षा संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिराई है।

तहसीलदार और उड़नदस्ता ने छात्रों को रंगे हाथों पकड़ा
पूरा मामला सूरजपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलका अधीना का है। परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीम, जिसमें तहसीलदार भी शामिल थे, अचानक केंद्र का निरीक्षण करने पहुँची। तलाशी के दौरान तीन छात्र अपने पास छिपाई गई चिटों के सहारे गणित के कठिन सवालों के उत्तर लिखते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रों के पास से नकल सामग्री जब्त की और उनके विरुद्ध नकल प्रकरण (UFM) दर्ज कर लिया। पकड़े गए छात्रों के उत्तर पुस्तिकाओं को सील कर आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है।
निष्पक्ष परीक्षा के लिए 72 केंद्रों पर सख्त निगरानी
सूरजपुर जिले में इस वर्ष 10वीं बोर्ड की परीक्षा में लगभग 10,000 से अधिक परीक्षार्थी सम्मिलित हो रहे हैं। इन विद्यार्थियों के लिए जिले भर में कुल 72 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिला शिक्षा विभाग ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष उड़नदस्ता टीमों का गठन किया है। जिला प्रशासन की टीमें लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं ताकि नकल माफियाओं और अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
केंद्राध्यक्ष पर गिरी गाज: रज्जाक अंसारी हटाए गए
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अजय मिश्रा ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। परीक्षा केंद्र सलका अधीना की निगरानी में विफलता और लापरवाही के आरोप में वर्तमान केंद्राध्यक्ष रज्जाक अंसारी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनकी जगह सतीश पांडेय को केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
24 घंटे के भीतर मांगा गया स्पष्टीकरण
कार्यमुक्त किए गए पूर्व केंद्राध्यक्ष रज्जाक अंसारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने उनसे 24 घंटे के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई और छात्रों तक नकल सामग्री कैसे पहुँची। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय (लोक शिक्षण संचालनालय) को पत्र भेजा जाएगा। इस सख्त कदम के बाद जिले के अन्य केंद्रों पर भी हड़कंप मचा हुआ है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी हुई और भी सख्त
सलका अधीना में हुई इस घटना के बाद जिले के सभी 72 केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी केंद्राध्यक्षों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अन्य केंद्र पर सामूहिक नकल या लापरवाही की शिकायत मिलती है, तो उसके लिए सीधे तौर पर केंद्र प्रमुख जिम्मेदार होंगे। आगामी विषयों की परीक्षाओं के लिए उड़नदस्ता टीमों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं ताकि परीक्षार्थी पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपनी परीक्षा संपन्न कर सकें।

















