xr:d:DAF42kG5JwA:16,j:3083128319255030793,t:24010323
Surajpur Justice: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से न्याय की जीत की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ के फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो (POCSO) न्यायालय ने 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दुराचार करने वाले आरोपी को कड़ा सबक सिखाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल ने सोमवार को इस संवेदनशील मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाया। न्यायालय के इस त्वरित और सख्त निर्णय की क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है, जिसे समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
यह शर्मनाक मामला 24 मार्च 2025 का है, जब जयनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली लटोरी चौकी इलाके में एक 14 साल की नाबालिग बच्ची दोपहर के समय शौच के लिए पास की एक नर्सरी की ओर निकली थी। उसी दौरान आरोपी शनि पैंकरा ने उसे अकेला पाकर उसका मुंह दबा लिया और जबरदस्ती नर्सरी के भीतर ले गया। पीड़िता की भतीजी ने जब आरोपी को बच्ची को खींचकर ले जाते देखा, तो उसने तुरंत घर जाकर इसकी सूचना दी। जब पीड़िता की माँ और अन्य परिजन नर्सरी की ओर पहुंचे, तो बच्ची रोते हुए आ रही थी और उसने आपबीती सुनाई।
पीड़िता ने अपनी माँ को बताया कि आरोपी शनि पैंकरा ने उसकी चीख दबाने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। बच्ची के बार-बार मना करने और गुहार लगाने के बावजूद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुराचार किया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पीड़िता की माँ ने बिना देर किए 25 मार्च 2025 को चौकी लटोरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी शनि पैंकरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद साक्ष्य संकलन, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट), सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करने जैसी महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की गईं। पुलिस ने घटना के महज 20 दिनों के भीतर, यानी 15 अप्रैल 2025 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान ठोस गवाह और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे आरोपी का दोष सिद्ध हुआ।
विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी शनि पैंकरा को 20 साल के कठोर कारावास के साथ-साथ आर्थिक दंड (जुर्माना) से भी दंडित किया है। फैसले में स्पष्ट किया गया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए कानून अपनी पूरी शक्ति का उपयोग करेगा।
सूरजपुर जिले में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में स्कूल, कॉलेज और ग्राम पंचायतों में जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को ‘गुड टच-बैड टच’, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग और सोशल मीडिया के खतरों के बारे में शिक्षित किया जाता है। न्यायाधीशों का मानना है कि केवल सजा से अपराध नहीं रुकेंगे, इसके लिए समाज का जागरूक होना और बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना भी अत्यंत आवश्यक है।
Anil Ambani ED Action : भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में हुए कथित ऋण धोखाधड़ी और मनी…
IMD Rain Alert : उत्तर भारत के कई राज्य इस समय सूरज की तपिश और…
West Bengal Phase 2: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान की…
Daily Horoscope 29 April 2026: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और हस्त नक्षत्र…
PBKS vs RR: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के रोमांचक मुकाबले में मंगलवार को राजस्थान…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरणों को शांतिपूर्ण ढंग…
This website uses cookies.