Surajpur Police Action
Surajpur Police Action : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस अनुशासन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से दूर रामानुजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुमेली घाट के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध जुआ संचालित होने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। 5 और 6 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कुछ वीडियो तेजी से प्रसारित हुए, जिनमें दर्जनों लोग बेखौफ होकर लाखों के दांव लगाते नजर आ रहे थे। घने जंगलों के बीच चल रहे इस ‘मिनी कैसीनो’ के दृश्यों ने स्थानीय पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जैसे ही वायरल वीडियो की पुष्टि हुई और मामला प्रिंट मीडिया की सुर्खियों में आया, सूरजपुर पुलिस महकमे के आला अधिकारियों ने इसे विभाग की छवि पर एक गहरे धब्बे के रूप में देखा। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रशांत कुमार ठाकुर ने तत्काल संज्ञान लिया। जांच में यह प्राथमिक रूप से स्पष्ट हो गया कि इतने बड़े स्तर पर जुए का खेल स्थानीय पुलिस की जानकारी के बिना या उनकी मौन सहमति के बिना संभव नहीं था। इस लापरवाही को अक्षम्य मानते हुए एसएसपी ने कड़े अनुशासनात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी किए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर रामानुजनगर के थाना प्रभारी निरीक्षक अलरिक लकड़ा को अपनी ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि निरीक्षक लकड़ा ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके अधिकार क्षेत्र में अवैध गतिविधियां फलती-फूलती रहीं। अनुशासनहीनता और नियंत्रण की कमी के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें रक्षित केंद्र (लाइन) सूरजपुर में संबद्ध किया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे शर्मनाक मोड़ तब आया जब वायरल वीडियो के सूक्ष्म परीक्षण में पुलिस विभाग का ही एक कर्मचारी जुआरियों के बीच बैठा पाया गया। रक्षित केंद्र सूरजपुर में पदस्थ आरक्षक (चालक) पंकज सिंह को वीडियो में स्पष्ट रूप से जुआ खेलते हुए पहचाना गया। एक पुलिसकर्मी का खुद अपराध में संलिप्त होना विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गया। एसएसपी ने बिना किसी देरी के आरक्षक पंकज सिंह को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वर्दी की गरिमा को तार-तार करने वाले इस कृत्य ने विभाग के भीतर छिपी काली भेड़ों को बेनकाब कर दिया है।
निलंबन की अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को नियमानुसार केवल गुजारा भत्ता प्रदान किया जाएगा। सूरजपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने जिले के अन्य थाना क्षेत्रों के लिए भी एक कड़ा संदेश भेजा है कि अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, कुमेली घाट जंगल में चल रहे इस संगठित जुआ गिरोह के पीछे के मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विस्तृत जांच में कुछ अन्य सफेदपोशों और निचले स्तर के कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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