Surajpur Police: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क पर हुड़दंग मचाने और यातायात बाधित करने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर आधी रात को जन्मदिन का जश्न मनाना सात युवकों के लिए महंगा साबित हुआ। इन युवकों ने न केवल बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कीं, बल्कि जमकर आतिशबाजी भी की, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

सोनवाही के पास बवाल: आतिशबाजी और जाम से बिगड़ी व्यवस्था
यह मामला 16 फरवरी 2026 की रात का है। जानकारी के अनुसार, रात लगभग 10 से 11 बजे के बीच सोनवाही स्थित आरव रेस्टोरेंट के सामने कुछ युवकों ने अपनी कारें बीच सड़क पर खड़ी कर दी थीं। युवक वहां जन्मदिन का केक काट रहे थे और तेज आवाज वाले पटाखे फोड़ रहे थे। मुख्य मार्ग होने के कारण देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की लापरवाही और कानून की अनदेखी ने पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। चौकी लटोरी और थाना जयनगर पुलिस ने इस मामले में तत्काल अपराध क्रमांक 54/2026 दर्ज किया।
पुलिस की मुस्तैदी: सातों आरोपी गिरफ्तार और कारें जब्त
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने मामले की कमान संभाली। उनके निर्देश पर दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी और वायरल वीडियो) और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने न केवल सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि जश्न में इस्तेमाल की गई दो लग्जरी कारों को भी जब्त कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमितेश गुप्ता, अंशुल अग्रवाल, प्रथम अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, महेश साहू, निखिल रामा और अरुण देवांगन के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं।
सख्त कानूनी धाराएं: बीएनएस और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई
सूरजपुर पुलिस ने आरोपियों पर केवल साधारण धाराएं ही नहीं, बल्कि जन सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285, 126(2), 287 और 288 के साथ-साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 201 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच में यह पाया गया कि आरोपियों ने जानबूझकर खतरनाक तरीके से वाहन खड़े किए थे, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना बन सकती थी। इस सफल कार्रवाई में चौकी प्रभारी अरुण गुप्ता, प्रधान आरक्षक रामनिवास तिवारी और साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशासन की चेतावनी: सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई के माध्यम से सूरजपुर पुलिस ने समाज के शरारती तत्वों को एक कड़ा संदेश दिया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जन्मदिन या किसी भी उत्सव के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को जाम करना और आतिशबाजी करना कानूनी अपराध है। डीआईजी प्रशांत ठाकुर ने कहा कि युवाओं को उत्साह और अनुशासन के बीच के अंतर को समझना चाहिए। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी यातायात बाधित करने वालों और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के विरुद्ध ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


















