Surguja Illegal Mining: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मचाने वाले अवैध उत्खननकर्ताओं के विरुद्ध जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशन में खनिज एवं राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने मांड और मैनी नदी क्षेत्रों में दबिश दी। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस अभियान की रूपरेखा तैयार की थी, जिसका उद्देश्य नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने और सरकारी राजस्व की चोरी को रोकना है। इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

इन गांवों में चला प्रशासन का डंडा: बतौली और सीतापुर क्षेत्र में घेराबंदी
प्रशासनिक टीम ने अत्यंत गोपनीयता बरतते हुए बतौली एवं सीतापुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले कई संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की। इस व्यापक अभियान के तहत ग्राम केसला, भिठुआ, राधापुर, मंगरैलगढ़, नवाटोली, काराबेल और प्रतापगढ़ में सघन जांच और छापेमारी की गई। इन क्षेत्रों में मांड और मैनी नदियों के तटों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकासी की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल अवैध उत्खनन को रुकवाया, बल्कि वहां अवैध गतिविधियों में संलिप्त मशीनों और वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया।
22 वाहन पुलिस की अभिरक्षा में: ट्रैक्टर, हाईवा और टीपर पर कार्रवाई
इस सफल कार्रवाई के दौरान कुल 22 वाहनों को रंगे हाथों अवैध परिवहन करते हुए जब्त किया गया है। जप्ती की सूची में रेत के अवैध परिवहन में लगे 14 ट्रैक्टर और 1 हाईवा शामिल है। इसके अतिरिक्त, गिट्टी और ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 6 हाईवा और 1 टीपर को भी प्रशासन ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। सुरक्षा की दृष्टि से और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इन सभी वाहनों को संबंधित थाना क्षेत्रों—सीतापुर, बतौली और रघुनाथपुर की पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की जप्ती यह दर्शाती है कि क्षेत्र में अवैध उत्खनन का जाल कितना गहरा फैला हुआ था।
कठोर अर्थदंड की तैयारी: नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं
खनिज अधिकारी अनिल कुमार साहू ने इस कार्रवाई के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957’ की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। विशेष रूप से धारा 21(4), 21(5) एवं 23 के अंतर्गत कठोर अर्थदंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि भविष्य में भी अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध विभाग का यह कड़ा अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
राजस्व और खनिज विभाग का साझा प्रयास: टीम वर्क से मिली बड़ी सफलता
इस जटिल और जोखिम भरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे खनिज और राजस्व विभाग के अमले का बेहतर तालमेल रहा। खनिज अधिकारी अनिल कुमार साहू के नेतृत्व में खनिज विभाग के सुरेश सिंह ठाकुर (सुपरवाइजर), पंकज कुमार, मंजीत मांझी, राजेश कुमार के साथ-साथ नगर सैनिकों और राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों ने दिन-रात एक कर इस मिशन को पूरा किया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी दबी जुबान में इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि अवैध उत्खनन से नदियों का जलस्तर गिर रहा था और सड़कों की हालत भी खस्ता हो रही थी।
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