Surguja News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गौ-तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के दरिमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खजुरी में बीती रात मवेशियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे के बाद वाहन में सवार तस्कर गिरफ्तारी के डर से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए वाहन में फंसे मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रफ्तार और तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
जानकारी के मुताबिक, झारखंड पासिंग नंबर (JH 13J 6737) वाली एक पिकअप बीती रात दरिमा क्षेत्र से गुजर रही थी। वाहन की गति काफी तेज थी, तभी अचानक पिकअप का एक पहिया निकल गया। चक्का निकलते ही चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और पिकअप सड़क किनारे पलट गई। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन में सवार गौ-तस्कर और चालक मौके से भागने में सफल रहे। सुबह जब ग्रामीणों ने पलटी हुई गाड़ी देखी, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
ग्रामीणों ने मवेशियों को कराया मुक्त, एक की मौत
जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पिकअप के भीतर 9 गौवंश बेहद क्रूरतापूर्ण तरीके से बांधकर लादे गए थे। मवेशी गाड़ी के भीतर छटपटा रहे थे। ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और रस्सियां काटकर गौवंश को बाहर निकाला। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे में एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शेष 8 मवेशियों को जीवित बचा लिया गया है। ग्रामीणों की तत्परता से अन्य मवेशियों की जान बच सकी।
झारखंड कनेक्शन और पुलिस की जांच
घटना की सूचना मिलते ही दरिमा थाना प्रभारी राजेश खलखो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि इन मवेशियों को तस्करी कर झारखंड ले जाया जा रहा था। गाड़ी का नंबर झारखंड का होना इस संदेह को और पुख्ता करता है। पुलिस अब आरटीओ (RTO) रिकॉर्ड के जरिए वाहन मालिक का पता लगा रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ ‘पशु क्रूरता अधिनियम’ की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा में गौ-तस्करी का जाल और हालिया कार्रवाई
सरगुजा जिले में गौ-तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस हादसे से ठीक एक दिन पहले अंबिकापुर के कोतवाली क्षेत्र में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। खैरबार रोड पर आवारा मवेशियों को पिकअप में लोड करते समय 7 तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा गया था। वे तस्कर भी आवारा गायों और बैलों को इकट्ठा कर झारखंड के बूचड़खानों में बेचने की फिराक में थे। जांच में सामने आया है कि ये गिरोह उम्रदराज मवेशियों को निशाना बनाता है ताकि उन्हें मांस के लिए बेचा जा सके।
बूचड़खाने भेजे जाने की प्रबल आशंका
पुलिस और स्थानीय लोगों का मानना है कि तस्करी किए जा रहे ये मवेशी मुख्य रूप से बूचड़खानों के लिए भेजे जा रहे थे। पकड़े गए अधिकांश मवेशी उम्रदराज और कमजोर हैं, जिनका उपयोग खेती में नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि तस्कर इन्हें सस्ते दामों पर या लावारिस हालत में उठाकर दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेच देते हैं। दरिमा पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश में जुटी है और जिले की सीमाओं पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
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