Swollen Fingers
सर्दियों का मौसम आते ही जुकाम और खांसी जैसी बीमारियां आम हो जाती हैं, लेकिन एक समस्या जो कई लोगों को बेहद परेशान करती है, वह है हाथ और पैर की उंगलियों में सूजन। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे ‘चिलब्लेंस’ भी कहा जा सकता है। दरअसल, कड़ाके की ठंड के कारण हमारे शरीर की छोटी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) संकुचित हो जाती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है। उंगलियों के टिश्यू काफी नाजुक होते हैं, इसलिए रक्त प्रवाह कम होने पर वहां सूजन, लालिमा, तेज खुजली और दर्द होने लगता है। कुछ मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि उंगलियों पर दर्दनाक छाले तक बन जाते हैं।
उंगलियों में सूजन के कई कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक बर्फीली हवाओं के संपर्क में रहना, पर्याप्त गर्म कपड़े न पहनना और पानी कम पीना इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, ‘रैपिड टेम्परेचर चेंज’ यानी अचानक तापमान बदलना भी एक बड़ी गलती है। अक्सर लोग बाहर की ठंड से आकर सीधे आग या हीटर पर हाथ-पैर सेंकने लगते हैं, जिससे त्वचा की नसें डैमेज हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त, जो लोग डायबिटीज, यूरिक एसिड, गठिया (Arthritis) या हार्मोनल इंबैलेंस जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनमें यह सूजन अधिक पेनफुल हो सकती है।
यदि आपकी उंगलियों में सूजन आ गई है, तो सिंकाई का सही तरीका आपको तुरंत राहत दिला सकता है। एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ा सेंधा नमक या फिटकरी मिलाएं। इस घोल में अपने हाथ-पैरों को 10 से 15 मिनट तक डुबोकर रखें। सिंकाई के बाद अंगों को तौलिये से अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद कोई अच्छी दर्द निवारक बाम या मॉइस्चराइजर लगाएं और तुरंत सूती मोजे या दस्ताने पहन लें। ध्यान रहे कि सिंकाई के तुरंत बाद ठंडी हवा के संपर्क में न आएं।
मसाज करने से उंगलियों का रक्त संचार सुधरता है। इसके लिए आप घर पर ही एक औषधीय तेल तैयार कर सकते हैं। सरसों के तेल में हल्दी, लहसुन की कलियां, थोड़ी अजवाइन और दो-तीन लौंग डालकर अच्छे से पका लें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो इसे छानकर प्रभावित उंगलियों पर हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश के बाद प्रभावित हिस्से को ढककर रखें। यह तेल न केवल सूजन कम करता है, बल्कि ठंड के कारण होने वाली खुजली और जलन से भी छुटकारा दिलाता है।
सर्दियों में हल्दी का उपयोग रामबाण की तरह काम करता है। दादी-नानी के नुस्खों के अनुसार, सरसों के तेल में चुटकी भर हल्दी और नमक मिलाकर लेप तैयार करें। इस गुनगुने लेप को रात में उंगलियों पर लगाकर कपड़ा लपेट लें। साथ ही, अंदरूनी सूजन को कम करने के लिए रोजाना रात को हल्दी और काली मिर्च वाला गुनगुना दूध पिएं। यह ड्रिंक मसल्स की स्टिफनेस (जकड़न) को कम करता है और जोड़ों के दर्द में भी लाभकारी होता है। हल्दी में मौजूद ‘करक्यूमिन’ एक बेहतरीन एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है।
सूजन की समस्या से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करना जरूरी है:
नमक का सेवन कम करें: ज्यादा नमक शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ाता है, जिससे सूजन बढ़ सकती है।
हाइड्रेटेड रहें: सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन भरपूर पानी पीना जरूरी है।
हल्की एक्सरसाइज: घर के अंदर वॉक, जंपिंग या स्ट्रेचिंग करें ताकि ब्लड सर्कुलेशन बना रहे।
उचित पहनावा: पैरों में मोजे और हाथों में ग्लव्स हमेशा पहनकर रखें।
डॉक्टर की सलाह: यदि घरेलू नुस्खों के बावजूद सूजन बनी रहे या पस पड़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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