T20 World Cup 2026: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक सफर में जिम्बाब्वे ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार जीत के साथ की है। सोमवार को कोलंबो में खेले गए टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने ओमान को 8 विकेट के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही जिम्बाब्वे ने ग्रुप-बी की पॉइंट्स टेबल में हलचल मचा दी है। टीम अब तालिका में शीर्ष स्थान (पहले नंबर) पर काबिज हो गई है, जबकि श्रीलंका की टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने खेल के हर विभाग में ओमान पर अपना दबदबा बनाए रखा।
टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला: सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में ओमान की बल्लेबाजी फ्लॉप
कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का साहसिक फैसला लिया। कप्तान का यह निर्णय सही साबित हुआ, जब जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही ओमान के बल्लेबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। ओमान की टीम जिम्बाब्वे की सधी हुई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाई और नियमित अंतराल पर अपने विकेट खोती रही। पूरी टीम 19.5 ओवरों में महज 103 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई। ओमान का कोई भी बल्लेबाज पिच पर जमने का साहस नहीं दिखा सका।
ब्रायन बेनेट का शानदार प्रहार: 104 रनों का लक्ष्य रहा आसान
104 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत काफी संतुलित रही। ओपनर ब्रायन बेनेट ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 36 गेंदों पर 48 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 कड़क चौके शामिल थे, जिसने ओमान के गेंदबाजों का मनोबल तोड़ दिया। दूसरे छोर पर ब्रेंडन टेलर ने भी 31 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया, हालांकि वे पारी के दौरान असहज महसूस करने के बाद ‘रिटायर हर्ट’ होकर वापस लौट गए। तदिवानाशे मारुमनी ने 21 रनों की उपयोगी पारी खेलकर टीम की जीत सुनिश्चित की।
ओमान की गेंदबाजी और जिम्बाब्वे का दबदबा: 13.3 ओवर में ही खत्म हुआ मैच
ओमान की ओर से केवल सुफियान महमूद ही कुछ संघर्ष कर सके, जिन्होंने 2 विकेट झटके। लेकिन 104 रनों का लक्ष्य इतना छोटा था कि ओमान के गेंदबाज कभी भी मैच में वापसी नहीं कर पाए। जिम्बाब्वे ने मात्र 13.3 ओवरों में 2 विकेट खोकर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। इस बड़ी जीत ने न केवल जिम्बाब्वे को 2 अंक दिलाए, बल्कि उनके नेट रन रेट (NRR) में भी जबरदस्त इजाफा किया है, जो टूर्नामेंट के अगले चरण में उनके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11: अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरा जिम्बाब्वे
मैच के लिए दोनों टीमों ने अपने सबसे मजबूत एकादश को मैदान में उतारा था:
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जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमनी, डायोन मायर्स, ब्रेंडन टेलर (विकेटकीपर), सिकंदर रजा (कप्तान), रायन बर्ल, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी।
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ओमान: जतिंदर सिंह (कप्तान), आमिर कलीम, हम्माद मिर्जा, वसीम अली, करण सोनावले, विनायक शुक्ला (विकेटकीपर), सूफियान महमूद, जितेन रामानंदी, नदीम खान, शाह फैसल और शकील अहमद।
ग्रुप-बी का भविष्य: श्रीलंका के लिए बढ़ी चुनौती
जिम्बाब्वे की इस जीत ने ग्रुप-बी के समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है। श्रीलंका, जिसे इस ग्रुप की सबसे मजबूत टीम माना जा रहा था, अब दूसरे स्थान पर है। जिम्बाब्वे की इस फॉर्म को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वे आने वाले मैचों में बड़ी टीमों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। ओमान के लिए अब आगे की राह कठिन हो गई है और उन्हें अगले मुकाबले में वापसी करने के लिए अपनी बल्लेबाजी में भारी सुधार करना होगा।
















