T20 World Cup semifinal: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के हाथों मिली 7 रन की शिकस्त के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक भावुक नजर आए। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच के बाद ब्रूक ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एक बड़ी स्वीकारोक्ति की। उन्होंने माना कि भारतीय पारी के दौरान संजू सैमसन का कैच टपकाना मैच का सबसे निर्णायक मोड़ साबित हुआ। ब्रूक के अनुसार, जब आप भारत जैसी विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ नॉकआउट मुकाबला खेल रहे हों, तो ऐसी गलतियों की गुंजाइश शून्य होती है। हालांकि ब्रूक ने खुद बाद में एक शानदार अर्धशतक जड़ा और ‘मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ भी चुने गए, लेकिन टीम की हार का गम उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था।
संजू सैमसन का जीवनदान और भारत का ऐतिहासिक स्कोर
मैच की शुरुआत में जब संजू सैमसन मात्र 15 रन पर खेल रहे थे, तब हैरी ब्रूक के हाथों उनका एक आसान सा कैच छूट गया। इस जीवनदान का सैमसन ने ऐसा फायदा उठाया कि इंग्लैंड के गेंदबाज असहाय नजर आने लगे। सैमसन ने महज 42 गेंदों का सामना करते हुए 89 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 7 छक्के और 8 शानदार चौके शामिल थे। उनकी इस आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 7 विकेट खोकर 253 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी भी नॉकआउट मैच (सेमीफाइनल या फाइनल) का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। सैमसन की इस पारी ने इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया और अंततः यही स्कोर दोनों टीमों के बीच का अंतर साबित हुआ।
पिच की स्थिति और क्षेत्ररक्षण की खामियां
मैच के बाद हैरी ब्रूक ने पिच के व्यवहार और टीम की खराब फील्डिंग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “हमें शुरुआत में ऐसा लगा था कि पहली पारी के दौरान गेंद पिच पर रुककर आएगी और स्पिनर्स को काफी मदद मिलेगी, लेकिन हमारा अनुमान गलत साबित हुआ। गेंद बहुत अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी और भारतीय बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया।” ब्रूक ने आगे कहा कि क्षेत्ररक्षण में अनुशासन की कमी इंग्लैंड की हार का मुख्य कारण बनी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि सैमसन का कैच छोड़ना एक “हिमालयी गलती” थी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत को ऐसे मौके देने का मतलब है मैच से हाथ धो बैठना।
जैक बेथेल का अद्भुत शतक और कप्तान की सराहना
254 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम एक समय संघर्ष कर रही थी, लेकिन युवा खिलाड़ी जैक बेथेल ने अपनी बल्लेबाजी से पूरे स्टेडियम को स्तब्ध कर दिया। बेथेल ने मात्र 48 गेंदों में 105 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 चौके और 7 लंबे छक्के जड़े। उनकी इस अविश्वसनीय पारी की बदौलत इंग्लैंड जीत के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन टीम 7 विकेट पर 246 रन ही बना सकी। बेथेल की तारीफ करते हुए ब्रूक ने कहा, “बेथेल बिल्कुल शानदार थे। उन्होंने पहली ही गेंद से दुनिया को अपनी काबिलियत दिखा दी है। वह भविष्य के बड़े सितारे हैं और आने वाले समय में खेल के जरिए बहुत नाम और पैसा कमाएंगे।”
टूर्नामेंट के सफर पर गर्व और भविष्य की उम्मीदें
हार के बावजूद हैरी ब्रूक ने अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में हारना निश्चित रूप से निराशाजनक है, लेकिन जिस तरह से इंग्लैंड की टीम पूरे टूर्नामेंट में खेली, वह काबिले तारीफ है। ब्रूक के अनुसार, “हमने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी और मैच में बने रहे, बस दुर्भाग्य से नतीजा हमारे पक्ष में नहीं रहा।” इंग्लैंड की टीम अब इस हार से सीख लेकर अगले दौर की तैयारी करेगी। ब्रूक ने भारतीय टीम को उनके शानदार खेल और फाइनल में पहुंचने के लिए बधाई दी और स्वीकार किया कि क्रिकेट के इस प्रारूप में बेहतर खेलने वाली टीम ही जीत की हकदार होती है।
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