Tamil Nadu Political Crisis
Tamil Nadu Political Crisis : तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच नई सरकार के गठन को लेकर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन फिलहाल मामला जादुई आंकड़े पर आकर अटक गया है। सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने की इच्छा जताई, लेकिन वे राज्यपाल को बहुमत के आंकड़ों पर संतुष्ट करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सके। राजभवन के सूत्रों का कहना है कि विजय द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रस्ताव संवैधानिक रूप से पर्याप्त नहीं लगा, जिसके कारण शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
गुरुवार सुबह राज्यपाल और विजय के बीच हुई दोबारा मुलाकात काफी महत्वपूर्ण रही। इस बैठक के दौरान राज्यपाल अर्लेकर ने सरकार की स्थिरता को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर चिंता व्यक्त की कि केवल 113 विधायकों के समर्थन के साथ एक स्थिर सरकार कैसे चलाई जा सकती है। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत विजय को कम से कम 118 विधायकों के लिखित समर्थन पत्र पेश करने होंगे। राजभवन ने साफ कर दिया है कि जब तक निर्धारित संख्या बल का ठोस प्रमाण नहीं दिया जाता, तब तक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की अनुमति देना संभव नहीं होगा।
राजभवन के इस कड़े रुख पर टीवीके खेमे में चिंता और बेचैनी साफ देखी जा रही है। पार्टी ने इस गतिरोध को लेकर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में संकेत दिया है कि वह राज्यपाल के फैसले की समीक्षा कर रही है। टीवीके नेतृत्व का मानना है कि सबसे बड़े दल के नाते उन्हें अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपने मौजूदा दावों को मान्यता दिलाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं। पार्टी के भीतर इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या राजभवन के विवेक को अदालत में चुनौती दी जा सकती है।
बहुमत के लिए जरूरी पांच अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने के लिए टीवीके ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को पार्टी के महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने वामपंथी दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर समर्थन की अपील की। इसके साथ ही, टीवीके प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कादर मोहिद्दीन से भी संपर्क साधा है। पार्टी को उम्मीद है कि छोटी पार्टियों के सहयोग से वे 118 के आंकड़े को पार कर लेंगे। दूसरी ओर, माकपा महासचिव एम ए बेबी ने भी राज्यपाल से आग्रह किया है कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया जाए।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। हालिया चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत से 10 कदम दूर है। सदन का समीकरण कुछ ऐसा है कि पीएमके (4 सीटें), आईयूएमएल (2 सीटें), भाकपा (2 सीटें), माकपा (2 सीटें) और वीसीके (2 सीटें) जैसे छोटे दल अब ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ गए हैं। विजय के लिए असली चुनौती इन बिखरे हुए आंकड़ों को एक साथ लाकर राजभवन के समक्ष पेश करना है, ताकि राज्य को जल्द से जल्द एक निर्वाचित सरकार मिल सके।
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