Tamil Nadu Politics
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के चुनावी चुनौती पर करारा जवाब दिया। तिरुवन्नामलाई में DMK के युवा विंग के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि अमित शाह के अंदर अहंकार आ गया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि शाह खुद के साथ-साथ पूरी “संघी बटालियन” (RSS के लोगों) को भी ले आएं, तो भी वे तमिलनाडु में कुछ नहीं कर पाएंगे।
स्टालिन का यह आक्रामक पलटवार गृहमंत्री शाह द्वारा गुजरात में सात दिन पहले दिए गए एक बयान पर आया है। शाह ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी और स्टालिन (बंगाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) को आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने को कहा था और दावा किया था कि बिहार के बाद, बंगाल और तमिलनाडु में भी NDA की सरकार बनेगी।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए एमके स्टालिन ने तिरुवन्नामलाई में यह महत्वपूर्ण बैठक संबोधित की। वर्तमान विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसी संभावना है कि चुनाव आयोग मार्च 2026 के बाद कभी भी चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।
स्टालिन ने अपने संबोधन में कहा कि 2024 में केंद्र में तीसरी बार बीजेपी के सत्ता में आने के बाद, वे और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं और झूठे वादे करते हैं। उन्होंने DMK कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस तरह के अभियान का मुकाबला करने के लिए, पार्टी को जोरदार तरीके से अभियान चलाना होगा और अपने सिद्धांतों का व्यापक रूप से प्रचार करना होगा।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने DMK की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि उनका कर्तव्य न केवल तमिलनाडु और तमिल भाषा की रक्षा करना है, बल्कि पूरे भारत और उसकी बहुलता (Pluralism) की रक्षा करना भी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे भारत में, DMK एकमात्र राज्य-स्तरीय पार्टी है जो वैचारिक रूप से बीजेपी के खिलाफ लड़ रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और उसकी विचारधारा “हमारे किले को भेद नहीं सके।” यह बयान DMK को राष्ट्रीय राजनीति में एक वैचारिक प्रतिपक्ष के रूप में स्थापित करने का प्रयास था।
गृहमंत्री अमित शाह ने इसी साल अप्रैल 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि 2026 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK प्रमुख ई पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा और सीटों का बंटवारा बाद में चर्चा के बाद तय किया जाएगा।
शाह ने तब कहा था कि गठबंधन को लेकर AIADMK की कोई मांग नहीं है, न ही BJP उनके अंदरूनी मामलों में कोई हस्तक्षेप करेगी। उन्होंने जोर दिया था कि पार्टी का NDA में शामिल होना दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद है।
हालांकि, सितंबर 2023 में तत्कालीन तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई की कुछ टिप्पणियों के कारण AIADMK, NDA से अलग हो गई थी, जिससे गठबंधन में दरार आ गई थी।
AIADMK ने लगातार दो कार्यकालों (2011 से 2021) तक तमिलनाडु में शासन किया था, लेकिन 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ा। 234 सीटों वाली विधानसभा में DMK ने बड़ी जीत हासिल करते हुए 159 सीटें जीतीं। वहीं, AIADMK सिर्फ 66 सीटों पर सिमट गई थी। भाजपा ने केवल 2 सीटें जीतीं, और अन्य दलों को 7 सीटें मिलीं थीं।
DMK की इस जीत के बाद, एमके स्टालिन राज्य के मुख्यमंत्री बने। 25 सितंबर, 2023 को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई की कुछ टिप्पणियों के कारण AIADMK और भाजपा गठबंधन औपचारिक रूप से टूट गया।
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