Tamil Nadu Politics
Tamil Nadu Politics : तमिलनाडु के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को एक बार फिर बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी के बेहद कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री वेल्लामंडी आर. नटराजन ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर अन्नाद्रमुक का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने राज्य में तेजी से उभर रही तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है. नटराजन के इस अप्रत्याशित और कड़े कदम के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दलबदल और नए सियासी समीकरणों को लेकर बहस पूरी तरह तेज हो गई है.
पार्टी के उच्च पदस्थ और कूटनीतिक सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री वेल्लामंडी आर. नटराजन ने टीवीके में शामिल होने की रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली थी. इसके तहत उन्होंने 27 मई को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के राष्ट्रीय महासचिव बुस्सी एन. आनंद से एक विशेष और बेहद गोपनीय मुलाकात की थी. इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य के मौजूदा राजनैतिक हालातों और भविष्य की रणनीतियों पर काफी लंबी चर्चा हुई. इसी मुलाकात के बाद गुरुवार को उन्होंने औपचारिकताएं पूरी करते हुए टीवीके पार्टी का झंडा थाम लिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता हासिल की.
तमिलनाडु की क्षेत्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि वेल्लामंडी आर. नटराजन का अन्नाद्रमुक छोड़ना पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक क्षति है. गौर करने वाली बात यह है कि टीवीके का दामन थामने वाले नटराजन कोई पहले अन्नाद्रमुक नेता नहीं हैं, बल्कि वे एआईएडीएमके के पाले से निकलकर टीवीके में शामिल होने वाले पांचवें सबसे प्रमुख और कद्दावर नेता बन गए हैं. उनके इस फैसले से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अन्नाद्रमुक के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और पार्टी के बड़े नेताओं का मोहभंग होना लगातार जारी है.
वेल्लामंडी आर. नटराजन से पहले भी अन्नाद्रमुक के भीतर एक बहुत बड़ी बगावत देखने को मिल चुकी है. इस घटनाक्रम से कुछ ही समय पहले एआईएडीएमके के चार मौजूदा और वरिष्ठ विधायकों ने अपनी विधानसभा सदस्यता और पार्टी के सभी पदों से एक साथ अचानक इस्तीफा दे दिया था. इन चारों जन-प्रतिनिधियों ने भी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पार्टी की कमान संभाली थी. एक के बाद एक लगातार पांच बड़े और अनुभवी नेताओं के आने से टीवीके पार्टी को जमीनी स्तर पर बहुत बड़ी मजबूती मिली है, जिससे आगामी चुनावों में उसकी स्थिति बेहद मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है.
तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस दलबदल को एक बेहद दूरगामी और रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) राज्य के भीतर लगातार अपना जनाधार बढ़ाने में जुटी हुई है. ऐसे में पारंपरिक और अनुभवी द्रविड़ नेताओं का उनकी पार्टी में शामिल होना यह दर्शाता है कि राज्य की जनता और राजनेताओं के बीच अब एक नए विकल्प को लेकर स्वीकार्यता काफी तेजी से बढ़ रही है. पूर्व मंत्री नटराजन के आने से विशेष रूप से उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में अन्नाद्रमुक के पारंपरिक वोटबैंक में बड़ी सेंधमारी होना बिल्कुल तय माना जा रहा है.
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