Tamnar Violence Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में महिला आरक्षक के साथ हुई अमानवीय घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, घटना से जुड़े 14 अन्य संदेहियों को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। आईजी (IG) संजीव शुक्ला ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Tamnar Violence Chhattisgarh: कोयला खदान का विरोध और हिंसा का तांडव: कैसे बिगड़े हालात?
यह पूरा विवाद तमनार थाना क्षेत्र के धौराभाठा में जेपीएल (JPL) कोयला खदान सेक्टर-1 के लिए हुई जनसुनवाई के विरोध से शुरू हुआ। प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। हालांकि, 27 दिसंबर की सुबह स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब लगभग 300 ग्रामीणों ने लिबरा चौक पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर होते-होते भीड़ की संख्या 1000 के पार पहुँच गई। एसडीएम और पुलिस अधिकारियों द्वारा माइक से शांति की अपील की जाती रही, लेकिन उग्र भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस बल पर पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए।
Tamnar Violence Chhattisgarh: महिला आरक्षक के साथ हैवानियत: रूह कंपा देने वाला वायरल वीडियो
हिंसा के अगले दिन सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाला वीडियो वायरल हुआ, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। वीडियो में देखा गया कि भीड़ ने एक महिला आरक्षक को निशाना बनाया, उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे लगभग आधा किलोमीटर तक अर्धनग्न अवस्था में दौड़ाया। जब पीड़िता जान बचाने के लिए खेत में गिर गई, तब भी प्रदर्शनकारियों ने उस पर रहम नहीं खाया। 40 सेकंड के इस वीडियो में महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘भाई’ कहकर छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन भीड़ उसे चप्पल से मारने की धमकी देते हुए गालियां दे रही थी।
सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान: कोल प्लांट और वाहनों में लगाई आग
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा केवल पुलिस तक सीमित नहीं रहा। उग्र भीड़ ने कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर तोड़फोड़ की और वहां आगजनी की। मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया। कई अन्य सरकारी वाहनों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया। इस हिंसक झड़प में घायल हुए पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस बल पर हुए इस संगठित हमले ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक गलियारों में आक्रोश: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार
इस शर्मनाक घटना पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रति जनता में अविश्वास और विद्रोह इस कदर बढ़ गया है कि अब रक्षक ही भक्षक का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने स्पष्ट किया है कि वर्दी का अपमान और महिला के साथ ऐसी बर्बरता करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया है।
















