Bangladesh Politics
Bangladesh Politics: पड़ोसी देश बांग्लादेश की सियासत में रविवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने कट्टर राजनीतिक विरोधी ‘जमात-ए-इस्लामी’ के अमीर (अध्यक्ष) शफीकुर रहमान के आवासीय कार्यालय का दौरा किया। यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि लंबे समय से दोनों दलों के रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। तारिक रहमान ने शफीकुर के साथ बैठकर देश की भावी सरकार के गठन और बांग्लादेश को मौजूदा संकट से बाहर निकालने के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की।
इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तारिक रहमान का स्वागत किया। उन्होंने तारिक रहमान को भविष्य के प्रधानमंत्री के रूप में अग्रिम बधाई देते हुए लिखा कि उनका जमात के कार्यालय आना देश की राजनीति के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ है। शफीकुर ने इसे संवाद और जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित मुलाकात बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कदम से देश में संस्थागत व्यवस्था बेहतर होगी और राजनीतिक दलों के बीच आपसी सम्मान की एक नई और स्वस्थ परंपरा शुरू होगी।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एक ऐसे बांग्लादेश के निर्माण पर सहमति जताई, जो फासीवाद के साये से पूरी तरह मुक्त हो। शफीकुर रहमान के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी और 11 पार्टियों का गठबंधन एक मजबूत, स्थिर और आधुनिक राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि नई व्यवस्था न्याय के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए और देश को अपने निर्णय खुद लेने में सक्षम होना चाहिए। इस दौरान संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनर्स्थापित करने को लेकर दोनों दलों ने अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
बांग्लादेश में हालिया चुनाव के बाद हुई हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का मुद्दा भी इस बैठक में प्रमुखता से उठा। शफीकुर रहमान ने बताया कि तारिक रहमान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी दल के समर्थक या अल्पसंख्यक समुदाय के नागरिक को असुरक्षित महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जमात चीफ ने इस आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि एक सभ्य समाज में डर का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
शफीकुर रहमान ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रहित के मुद्दों पर सरकार का पूरा साथ देगी, लेकिन साथ ही एक सिद्धांतों वाले विपक्ष की जिम्मेदारी भी निभाएगी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है।” उन्होंने संकल्प लिया कि जहां सरकार जनहित में काम करेगी वहां सहयोग मिलेगा, लेकिन जहां जवाबदेही की कमी होगी वहां वे मजबूती से आवाज उठाएंगे। उनका लक्ष्य एक ऐसी संसद का निर्माण करना है जो जनता के अधिकारों की रक्षा करे और देश को स्थिरता के साथ विकास के पथ पर आगे ले जाए।
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