Tarique Rahman Return
Tarique Rahman Return: गुरुवार को तारिक रहमान जैसे ही ढाका हवाई अड्डे पर उतरे, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से फोन पर बात की। रहमान ने देश में उनकी सुरक्षित वापसी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम सरकार और मोहम्मद यूनुस का आभार व्यक्त किया। 2008 में देश छोड़ने के बाद से रहमान लंदन में रह रहे थे। उनकी वापसी ने न केवल बीएनपी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है, बल्कि देश की भविष्य की लोकतांत्रिक दिशा को लेकर भी संकेत दे दिए हैं।
ढाका में एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए तारिक रहमान ने भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की जनता अब अपने बोलने की आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों को हर कीमत पर वापस पाना चाहती है। अपने संबोधन में उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम, 1975 के विद्रोह और 1990 के दशक के ऐतिहासिक जन आंदोलनों का जिक्र किया। रहमान ने जोर देकर कहा कि अतीत के संघर्षों से सीख लेते हुए अब समय आ गया है कि सभी नागरिक एकजुट होकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करें। उन्होंने शांति की आवश्यकता पर बार-बार बल दिया।
तारिक रहमान ने बांग्लादेश की विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश मुसलमानों, हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों—सभी का है और यहाँ सबको समान अधिकार प्राप्त हैं। शरीफ उस्मान हादी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हादी जनता के आर्थिक अधिकारों की रक्षा चाहते थे। रहमान ने संकल्प लिया कि 1971 से लेकर 2024 तक जिन शहीदों ने देश के लिए अपना खून बहाया है, उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने एक ऐसे सुरक्षित बांग्लादेश की कल्पना की जहाँ महिलाएं और बच्चे पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें।
अवामी लीग पर प्रतिबंध लगने के बाद बांग्लादेश का राजनीतिक मैदान पूरी तरह बदल चुका है। अंतरिम सरकार द्वारा अवामी लीग को भंग किए जाने के बाद अब बीएनपी के सामने अपनी पुरानी सहयोगी रही ‘जमात-ए-इस्लामी’ एक मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर रही है। जमात वर्तमान में देश के बिखरे हुए राजनीतिक माहौल का फायदा उठाकर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में तारिक रहमान की वापसी बीएनपी के लिए अपने जनाधार को मजबूत करने और जमात जैसी कट्टरपंथी ताकतों को चुनौती देने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तारिक रहमान की वापसी से यह स्पष्ट हो गया है कि आगामी चुनावों में बीएनपी एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रहमान अब देशव्यापी दौरा कर पार्टी की जमीनी पकड़ को और पुख्ता करेंगे। उन्होंने अपने भाषण में यह भी संकेत दिया कि वे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और संवैधानिक सुधारों के पक्षधर हैं। बांग्लादेश की जनता अब यह देख रही है कि तारिक रहमान इस अस्थिर माहौल में देश को कैसे एक नई दिशा देते हैं और अंतरिम सरकार के साथ उनके संबंध भविष्य में कैसे रहते हैं।
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