Tej Pratap Yadav : बिहार की राजनीति में एक और बड़ा मोड़ आया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने शनिवार को घोषणा की कि वह आगामी विधानसभा चुनाव महुआ सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ेंगे। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेज प्रताप ने साफ किया कि वे अब पार्टी की सीमाओं में नहीं, बल्कि जनता की अदालत में उतरेंगे।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तेज प्रताप ने कहा, “टीम तेज प्रताप यादव जनता से जुड़ने का एक मंच है। हम अब सीधा संवाद करेंगे। इस बार चाचा नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “जिस भी पार्टी की सरकार बने, यदि वह युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बात करेगी, तो तेज प्रताप यादव पूरे दिल से उनका समर्थन करेंगे।”
राजद के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी नेतृत्व ने इसके पीछे उनका “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” कारण बताया था। बाद में लालू यादव ने भी सार्वजनिक रूप से तेज प्रताप से संबंध तोड़ने का एलान कर दिया था, जिससे यादव परिवार में राजनीतिक और निजी संबंधों में भारी दरार आ गई।
निष्कासन के बाद, तेज प्रताप यादव ने एक भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरे लिए मेरे पिता लालू यादव और मां राबड़ी देवी ही पूरी दुनिया हैं। मैं कभी भी उनके खिलाफ नहीं जा सकता।” साथ ही उन्होंने यह आरोप लगाया कि राजद के अंदर कुछ लालची तत्व उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे थे और उन्हें पार्टी से बाहर निकालने में इन लोगों की अहम भूमिका रही है।
तेज प्रताप ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ साजिश रचने वाले राजद के 4-5 नेताओं के नाम जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं डरने वालों में नहीं हूं। मैं जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करूंगा। कुछ लोगों ने मेरे सीधे और सरल स्वभाव का गलत फायदा उठाया। अब समय आ गया है कि मैं जनता से न्याय मांगूं।”
तेज प्रताप यादव का कहना है कि पार्टी से निष्कासन किसी एक गलती का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब कुछ देख रही है, और वही अब फैसला करेगी कि सही कौन है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हैं और अब जनता की अदालत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत होगी।
राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पारिवारिक संबंधों में भी खटास देखने को मिली। तेज प्रताप ने शुक्रवार को ‘X’ (पूर्व ट्विटर) से अपनी बहनों मीसा भारती, हेमा यादव, राज लक्ष्मी यादव और अन्य परिवारजनों को अनफॉलो कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को भी अनफॉलो कर दिया।
हालांकि, तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव को अब भी सोशल मीडिया पर फॉलो कर रखा है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि पारिवारिक रिश्तों में कुछ गुंजाइश अब भी बाकी है, लेकिन राजनीतिक रिश्ते पूरी तरह से टूट चुके हैं।
तेज प्रताप यादव पहले भी महुआ से विधायक रह चुके हैं और इस बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर वहां से चुनाव लड़ने का एलान करके उन्होंने साफ संकेत दे दिया है कि वे राजनीतिक मैदान से हटने वाले नहीं हैं। उनका दावा है कि महुआ की जनता उनके साथ खड़ी है और वह इस बार भी उन्हें भरपूर समर्थन देगी।
राजद से बाहर होने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी स्वतंत्र राजनीतिक राह चुन ली है। अब वे पार्टी के अनुशासन से बाहर निकलकर अपनी बात सीधे जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले चुनाव में महुआ सीट पर मुकाबला दिलचस्प होगा, जहां पूर्व राजद नेता अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।
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