ताज़ा खबर

Tej Pratap on RSS: तेज प्रताप यादव का बयान: ‘आज़ादी की लड़ाई में RSS का कोई योगदान नहीं, हम गांधीवादी हैं’

Tej Pratap on RSS: जनशक्ति जनता दल के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में RSS का कोई योगदान नहीं था और महात्मा गांधी के साथ जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। तेज प्रताप ने खुद को स्पष्ट रूप से गांधीवादी बताते हुए कहा कि वे गांधीजी के आदर्शों का पालन करते हैं।

तेज प्रताप यादव का RSS और स्वतंत्रता संग्राम पर तंज

तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, “आजादी की लड़ाई में RSS का कोई योगदान नहीं था। महात्मा गांधी के साथ क्या हुआ था, वह सभी लोग जानते हैं।” उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने खुद को गांधीवादी बताते हुए कहा कि गांधीजी के आदर्शों को वे पूरी तरह अपनाते हैं और उनके मार्गदर्शन में ही देश की सेवा करना चाहते हैं।

तेज प्रताप के इस बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक समूहों में प्रतिक्रिया आई है। कुछ ने इसे स्वतंत्र विचारधारा का अभिव्यक्ति माना है, तो कुछ ने इसे विवादित और असंगत बताया है।

गांधीवाद के प्रति तेज प्रताप की प्रतिबद्धता

तेज प्रताप ने महात्मा गांधी को लेकर गहरी श्रद्धा जताई और कहा कि गांधीवादी सिद्धांतों का पालन ही देश को सही दिशा में ले जाएगा। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा और स्वराज के संदेश को आत्मसात करते हुए कहा कि आज भी देश को गांधीजी के रास्ते पर चलने की आवश्यकता है।उनका यह भी कहना था कि स्वतंत्रता संग्राम केवल एक राजनीतिक लड़ाई नहीं थी, बल्कि यह सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय एकता का भी संदेश थी, जिसे गांधीजी ने बेहतर ढंग से समझाया और लागू किया।

राजनीतिक पटल पर तेज प्रताप के बयान का असर

तेज प्रताप यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में हलचल मचा गया है। विपक्षी दलों ने इसे RSS और भाजपा के खिलाफ निशाना माना है, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे गांधीवादी विचारधारा की मजबूती बताया है। इस बयान के बाद तेज प्रताप ने अपने समर्थकों से एकजुट रहने और गांधीवादी मूल्यों के प्रचार-प्रसार की अपील भी की।

जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने RSS के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को नकारते हुए स्पष्ट रूप से गांधीवादी होने का संदेश दिया है। उनका यह बयान वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना हुआ है। गांधीवाद की विचारधारा को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता बिहार के राजनीतिक माहौल को नई दिशा दे सकती है। देश के विविध मतों और विचारधाराओं के बीच इस प्रकार की बहस लोकतंत्र की मजबूती का परिचायक है। तेज प्रताप के इस बयान ने स्वतंत्रता संग्राम की विभिन्न परतों पर नई सोच को उभारा है, जो आगे आने वाले दिनों में और भी चर्चा का विषय बनेगा।

Read More: Russia JF-17 Engine Deal: रूस ने भारत की अपील के बावजूद पाकिस्तान को भेजने का फैसला किया JF-17 फाइटर जेट इंजन, जानिए पूरा मामला

Thetarget365

Recent Posts

Liver Health Tips : महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है फैटी लिवर का खतरा, नजरअंदाज न करें ये 5 साइलेंट लक्षण

Liver Health Tips  : आज के दौर में लिवर से जुड़ी बीमारियाँ एक वैश्विक स्वास्थ्य…

5 hours ago

Akshaya Tritiya 2026: पूजा के लिए मिलेगा सिर्फ 1 घंटा 32 मिनट, जानें सटीक शुभ मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026:  अक्षय तृतीया का पावन पर्व भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में अटूट…

6 hours ago

IPL 2026 Orange Cap : ऑरेंज कैप पर क्लासेन का कब्जा, पर्पल कैप रेस में कंबोज निकले आगे

IPL 2026 Orange Cap : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का रोमांच अपने चरम पर…

7 hours ago

Akshaya Tritiya: 100 साल बाद ‘अक्षय योग’ का महासंयोग, आज सोना खरीदने का ये है सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त!

Akshaya Tritiya:  वर्ष 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत ऐतिहासिक होने वाली है।…

7 hours ago

Miss India 2026: गोवा की साध्वी सेल के सिर सजा ताज, विनीत जैन ने बताया क्या है असली सफलता!

Miss India 2026: आज के दौर में फेमिना मिस इंडिया केवल सुंदरता को आंकने का…

7 hours ago

Chanakya Niti: सफलता कदम चूमेगी! आज ही अपने जीवन में उतारें आचार्य चाणक्य के ये अनमोल विचार

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य, जिन्हें हम कौटिल्य के नाम से भी जानते हैं, भारतीय इतिहास…

7 hours ago

This website uses cookies.