प्रतापपुर @thetarget365 रविवार की रात सोनगरा के सरसताल में हाथी के हमले में हुई एक ग्रामीण की मौत के बाद सोमवार को उपजे विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। वन विभाग प्रतापपुर के अधिकारियों ने चार लोगों के ऊपर भीड़ को उकसाने के अलावा विभिन्न आरोप लगाते हुए भटगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करने आवेदन सौंपा है।
आवेदन में बताया गया है कि जब प्रतापपुर के उप वन मंडलाधिकारी आशुतोष भगत, वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्तम मिश्रा, घुई के वन परिक्षेत्र अधिकारी अच्छे लाल कारपेन्टर, सोनगरा परिक्षेत्र सहायक अनंत कुमार सरकार व अन्य वनकर्मी भटगांव पुलिस के साथ हाथी के हमले में मारे गए ग्रामीण के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए स्वजनों की सहमति से उठाने पहुंचे तो इसी दौरान चार स्थानीय लोगों ने उनके साथ बेबुनियाद आरोप लगाकर जातिगत गाली गलौज किया। हाथों में डंडा लहराते हुए उन पर हमला करने का प्रयास किया। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। धक्का मुक्की कर सुनियोजित तरीके से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई।
यहां तक की वन विभाग के अधिकारियों व वनकर्मियों के मोबाइल लूटकर उन्हें बंधक बना लिया। यही नहीं इन चार लोगों ने मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी कर उन्हें वन विभाग के विरुद्ध उकसाकर माहौल को जानबूझकर खराब किया। इस बीच मौके पर मौजूद भटगांव थाना प्रभारी व उनकी टीम ने बीच बचाव कर किसी तरह से वन विभाग के अधिकारियों व वनकर्मियों को भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला।
हाथी के हमले में हुई ग्रामीण की मौत के बाद चार स्थानीय लोगों पर वन विभाग द्वारा विवाद को जन्म देने के लगाए जा रहे आरोपों के बीच उप वन मंडल प्रतापपुर के उप वन मंडलाधिकारी आशुतोष भगत ने इन चारों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अपनी तरफ से भी भटगांव थाने में अलग से आवेदन दिया है।
आवेदन में उप वन मंडलाधिकारी भगत ने बताया है कि वे अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते हैं। इसलिए उक्त चारों लोगों ने उन्हें जानबूझकर नीचा दिखाने के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर गाली गलौज की। इस तरह के अभद्र व्यवहार से उन्हें असहनीय मानसिक पीड़ा पहुंची है। साथ ही उनके पद की गरिमा और उनकी समाज में बनी हुई प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचा है। इसलिए उनके द्वारा दिए गए आवेदन को एससी एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए विशेष थाना सूरजपुर को भेजा जाए।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार वन विभाग द्वारा भटगांव थाने में आवेदन देकर जिन चार लोगों के ऊपर विभाग के अधिकारियों व वनकर्मियों से अभद्रता करने के आरोप लगा कार्रवाई करने मांग की गई है यदि पुलिस उन पर जल्द ही प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं करती है तो वन कर्मचारी संघ प्रतापपुर काम बंद कर हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएगा।
रविवार की रात लगभग साढ़े दस बजे फुलसाय राजवाड़े पिता हीरामन (55) सोनगरा के सरसताल में रहने वाले अपने पुत्र चुन्नू राजवाड़े के खेत में बने घर में खाना खाने गया था। खाना खाने के बाद जब वह गन्ना खेत के पास से गुजर रहा था तो अचानक उसका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। हाथी को देखकर वह भागने का प्रयास करने लगा। इससे पहले की वह भाग पाता हाथी ने उसे अपनी सूंड़ में लपेटकर नीचे पटका और पैरों से कुचल दिया। जिसके कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद रात में ही वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रतापपुर उत्तम मिश्रा अपनी टीम व भटगांव पुलिस के साथ शव को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर ले जाने को पहुंचे थे। पर मृतक के स्वजनों ने वन विभाग की टीम को शव नहीं ले जाने दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम वहां से वापस लौटकर फिर से सोमवार की सुबह भटगांव पुलिस के साथ मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद ग्रामीण शव को बनारस मार्ग पर रख चक्काजाम करते हुए नौकरी, तत्काल पूरा मुआवजा देने व वन विभाग पर कार्रवाई की मांग करने लगे।
मौके पर मौजूद प्रतापपुर एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर शव को ले जाने दिया। इधर वन विभाग ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा स्वजनों को सौंपते हुए तात्कालिक सहायता राशि के रूप में पच्चीस हजार रुपए नगद प्रदान किए हैं।
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