The Kerala Story 2
The Kerala Story 2: बॉक्स ऑफिस पर भारी सफलता और तीखी आलोचना झेलने वाली फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ के दूसरे भाग, ‘द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ ने रिलीज से पहले ही देश में वैचारिक जंग छेड़ दी है। फिल्म के ट्रेलर के आते ही जहां एक वर्ग इसे सच्चाई बता रहा है, वहीं दूसरा इसे प्रोपेगैंडा करार दे रहा है। इस बीच, फिल्म ने एक बड़ा कानूनी पड़ाव पार कर लिया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे ‘U/A’ सर्टिफिकेशन दिया है। इसका मतलब है कि 14 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे माता-पिता के मार्गदर्शन में इसे देख सकेंगे। विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि इसकी कट्टर विषयवस्तु के कारण इसे ‘A’ (केवल वयस्कों के लिए) रेटिंग मिलेगी, लेकिन ‘U/A’ रेटिंग मिलने से अब इसके दर्शकों का दायरा काफी बढ़ गया है।
सेंसर बोर्ड की मंजूरी के विपरीत, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट के जरिए फिल्म की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। विजयन ने लिखा कि केरल की धर्मनिरपेक्ष परंपरा और भाईचारे को बदनाम करने के इरादे से इस फिल्म का दूसरा पार्ट लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म का पहला हिस्सा भी झूठ और नफरत से भरा हुआ था, जिसे जनता ने ‘रियल केरल’ की छवि के विपरीत होने के कारण नकार दिया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह फिल्म कला के नाम पर केवल सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ावा देने का एक जरिया मात्र है।
मुख्यमंत्री विजयन ने अपने बयान में सीधे तौर पर संघ परिवार और दक्षिणपंथी संगठनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग केरल के सामाजिक सद्भाव और सेक्युलरिज्म के मॉडल से डरते हैं, वही इस तरह के ‘नफरत भरे कैंपेन’ के पीछे हैं। विजयन ने आरोप लगाया कि ये केंद्र आपसी सहमति से होने वाली शादियों को भी सांप्रदायिक रंग देकर ‘जबरन धर्म परिवर्तन’ का झूठा प्रचार कर रहे हैं। उनके अनुसार, केरल एक ऐसा राज्य है जहां कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं होता और सभी धर्मों के लोग सम्मान के साथ रहते हैं, और यही बात नफरत फैलाने वाली ताकतों को चुभती है।
अपने पोस्ट में विजयन ने सेंसरशिप की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि समाज में बंटवारा पैदा करने वाली फिल्म को दिखाने की इजाजत कैसे मिल गई, जबकि हाल ही में एक फिल्म को सिर्फ ‘बीफ’ शब्द होने की वजह से फिल्म फेस्टिवल में बैन कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह देश की शांति और सुकून में जहर घोलने की कोशिश है। मुख्यमंत्री ने चेताया कि ये ताकतें देश की असली दुश्मन हैं जो विकास और कानून-व्यवस्था में मॉडल माने जाने वाले राज्य को ‘आतंकवाद का केंद्र’ बताकर वैश्विक स्तर पर उसकी छवि खराब करना चाहती हैं।
लेख के अंत में, पिनाराई विजयन ने केरल की जनता और देश के नागरिकों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सतत विकास सूचकांक (SDI) में शीर्ष पर रहने वाले केरल की धर्मनिरपेक्ष बुनियाद को किसी भी झूठे प्रोपेगैंडा से खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नफरत का जवाब नफरत से नहीं, बल्कि तथ्यों और भाईचारे के मूल्यों को मजबूती से पकड़कर दिया जाना चाहिए। विजयन ने स्पष्ट संदेश दिया कि केरल राज्य का गौरव है और इस गौरव की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि “झूठ पर सच की जीत” सुनिश्चित करने के लिए सभी को साथ खड़ा होना होगा।
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