Gold Inside Earth :धरती के अंदर कितना सोना है और ये कैसे सतह तक पहुंचता है, यह सवाल वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से रहस्य रहा है। हालांकि इस विषय पर लगातार शोध हो रहे हैं, लेकिन हाल ही में जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ गॉटिंगेन के वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने पाया है कि जब ज्वालामुखी फटता है, तो उसके साथ पृथ्वी की गहरी परतों से सोना और रूथेनियम जैसी कीमती धातुएं बाहर निकलती हैं।

ज्वालामुखी लावा में छिपा है धरती का खजाना
वैज्ञानिकों ने हवाई के प्रसिद्ध किलाउथा और लोईही ज्वालामुखी के लावा का अध्ययन किया। उनके शोध से पता चला कि ज्वालामुखी के लावा में वह सूक्ष्म संकेत मौजूद होते हैं जो धरती की गहरी परतों में मौजूद कीमती धातुओं की मौजूदगी का प्रमाण देते हैं। ये धातुएं, खासकर सोना और रूथेनियम, लावा के माध्यम से सतह तक पहुंचती हैं, जिससे हमें धरती के अंदर मौजूद खजाने का पता चलता है।

अरबों टन सोने का खजाना छुपा है धरती के कोर में
शोध के अनुसार, धरती के कोर में लगभग 30 अरब टन सोना मौजूद हो सकता है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.77 ट्रिलियन यूरो है, जो एक असाधारण मात्रा है। हालांकि सतह पर इस सोने का केवल बहुत ही छोटा अंश ही पहुंच पाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये लावा के साथ निकलने वाले सूक्ष्म धातु के निशान हमें धरती की सबसे गहरी और अमीर परतों के बारे में जानकारी देते हैं, जिन्हें अब तक खोजना और समझना बहुत मुश्किल था।
क्या धरती के अंदर से सोना निकालना संभव है?
जहां यह खोज धरती की संरचना को समझने में मददगार साबित हो रही है, वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान तकनीक इतनी विकसित नहीं है कि हम सीधे धरती के कोर से सोना या अन्य कीमती धातुओं का खनन कर सकें। कोर की विशाल गहराई और अत्यधिक तापमान इस प्रक्रिया को फिलहाल नामुमकिन बना देते हैं।
कैसे मिला यह सुराग?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने महासागरीय द्वीपों की बेसाल्ट चट्टानों का विश्लेषण किया। ये चट्टानें मैटल प्लूम यानी धरती के अंदर से निकलने वाले गर्म पिघले हुए पदार्थ से बनती हैं। लावा में पाए गए रूथेनियम के 100Ru आइसोटोप की उच्च मात्रा इस बात का प्रमाण है कि धरती के कोर का कुछ हिस्सा सतह तक पहुंचता है। यह तथ्य पहले की मान्यताओं के विपरीत है, जो मानते थे कि कोर पूरी तरह पृथ्वी के बाकी हिस्सों से अलग है।
यह रिसर्च न केवल धरती के अंदर छुपे खजाने के बारे में नई जानकारियां प्रदान करती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे अरबों वर्षों से पृथ्वी के भीतर प्राकृतिक प्रक्रियाएं चल रही हैं। हालांकि सोने का खनन अभी दूर की कौड़ी है, पर यह अध्ययन भविष्य में नए खोजों और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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