TIME CEO of the Year
TIME CEO of the Year: टाइम मैगज़ीन ने ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नील मोहन को ‘वर्ष 2025 का सीईओ’ (CEO of the Year 2025) नामित किया है। भारतीय मूल के नील मोहन फरवरी 2023 से ही यूट्यूब के सीईओ के रूप में कार्यरत हैं, जब उन्होंने सुसेन वोज्सिकी का स्थान लिया था। टाइम मैगज़ीन ने नील मोहन के प्रभाव को रेखांकित करते हुए लिखा है कि, “कई मायनों में यूट्यूब वह सांस्कृतिक आहार बना रहा है, जिस पर दुनिया अब निर्भर होने लगी है। मोहन उस किसान की तरह हैं जो वे उगाते हैं, वही हम खाते हैं।” यह उपाधि उनके नेतृत्व में यूट्यूब के वैश्विक सांस्कृतिक और डिजिटल प्रभाव को दर्शाती है।
टाइम मैगज़ीन के अनुसार, यूट्यूब के तहत नील मोहन का नेतृत्व ‘दुनिया की सबसे प्रभावशाली डिजिटल-संस्कृति’ को आकार दे रहा है। मैगज़ीन ने नील मोहन के शांत और स्थिर नेतृत्व शैली की विशेष रूप से प्रशंसा की। टाइम ने कहा कि, “दुनिया में ‘ध्यान बंटाने वाली सबसे शक्तिशाली मशीन’ के पायलट आश्चर्यजनक रूप से शांत हैं।” इसका मतलब है कि मोहन एक ऐसा सीईओ हैं जो शांति, समझ-बूझ और स्थिरता के साथ एक इतने बड़े और गतिशील प्लेटफार्म का संचालन कर रहे हैं। टाइम ने इस बात पर जोर दिया कि नील मोहन का पूरा ध्यान सिर्फ यूट्यूब को अच्छी तरह चलाने पर केंद्रित है।
टाइम मैगज़ीन के मुताबिक, नील मोहन के नेतृत्व में यूट्यूब में कई महत्वपूर्ण बदलाव और नई रणनीतियाँ आई हैं। इनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:
कंटेंट-मॉनिटरिंग: सामग्री की निगरानी और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा सुनिश्चित करना।
प्लेटफॉर्म विस्तार: यूट्यूब की पहुंच और सुविधाओं का विस्तार करना।
क्रिएटर-फर्स्ट नीतियां: कंटेंट क्रिएटर्स को प्राथमिकता देना और उनके लिए कमाई के नए रास्ते खोलना।
मोहन अपनी पिछली भूमिकाओं में शॉर्ट्स (Shorts), प्रीमियम (Premium) और सब्सक्रिप्शन (Subscription) जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के विकास में महत्वपूर्ण रहे हैं, जो यूट्यूब के राजस्व और उपयोगकर्ता जुड़ाव को बढ़ाने में सहायक रहे हैं।
नील मोहन के व्यक्तिगत सफर की बात करें तो, उनका जन्म अमेरिका के इंडियाना राज्य के लैफायेट में हुआ था। उन्होंने अपना अधिकांश बचपन अमेरिका में ही बिताया। हालांकि, 1985 में 12 वर्ष की आयु में वह अपने माता-पिता के साथ लखनऊ (भारत) चले आए थे। अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए वह 1992 में भारत से वापस अमेरिका लौट गए।
मोहन भारतीय मूल के हैं और उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से हासिल की। उन्होंने स्टैनफोर्ड से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बाद में वहीं से एमबीए (MBA) भी किया। यूट्यूब में सीईओ बनने से पहले, वह अपने करियर के दौरान गूगल (Google) और डबलक्लिक (DoubleClick) जैसी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
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