LPG Crisis
LPG Crisis: देश में गहराते ऊर्जा संकट और रसोई गैस की किल्लत के बीच संसद परिसर से एक बेहद दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद डेरेक ओब्रायन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए एक खास टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। इस टी-शर्ट पर एलपीजी (LPG) सिलेंडर की तस्वीर चस्पा थी, जो सीधे तौर पर देश में गैस की कमी और बढ़ती कीमतों की ओर इशारा कर रही थी। विपक्षी सांसदों ने इस ‘प्रतीकात्मक विरोध’ के जरिए सरकार का ध्यान उन करोड़ों गृहिणियों की ओर खींचने की कोशिश की, जो वर्तमान में ईंधन की भारी किल्लत का सामना कर रही हैं। डेरेक का यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डेरेक ओब्रायन का यह वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने एक व्यंग्यात्मक ‘सवाल-जवाब’ के जरिए सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। अखिलेश ने लिखा, “सवाल- एलपीजी सिलेंडर में कितनी गैस होती है? उत्तर- कृपया स्पष्ट किया जाए कि ये प्रश्न युद्ध के पूर्व का वजन पूछ रहा है या भाजपा सरकार द्वारा सिलेंडर में गैस घटाए जाने के बाद का?” उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द सुधार नहीं किया, तो जनता इस बार थाली बजाने के बजाय खाली सिलेंडर बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
अखिलेश यादव का यह गुस्सा केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की जमीन पर दिख रहे हालातों का प्रतिबिंब है। राज्य के कई जिलों से ऐसी खबरें आ रही हैं जहाँ गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई जगहों पर लोगों ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि घंटों इंतजार करने और चिलचिलाती धूप में खड़े रहने के बाद भी उन्हें रिफिल सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी बदतर है, जहाँ आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। सपा प्रमुख लगातार सवाल उठा रहे हैं कि यदि सरकार के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है, तो जनता सड़कों पर लाइन लगाने को मजबूर क्यों है?
सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने हाल ही में एक भावुक और राजनीतिक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मौजूदा संकट को देखते हुए उन्होंने अपने घर के लिए दो मिट्टी के चूल्हे मंगवा लिए हैं। उनका तर्क है कि बीजेपी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘उज्ज्वला योजना’ के दावों के बीच आज का भारत वापस पुराने युग की ओर लौट रहा है, जहाँ लोग खाना पकाने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि जो प्रशासन रसोई तक ईंधन नहीं पहुँचा सकता, वह देश के विकास की बड़ी बातें कैसे कर सकता है?
डेरेक ओब्रायन के इस प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी की मीडिया सेल ने भी जोर-शोर से उठाया है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर लिखा कि टीएमसी सांसद का यह तरीका रसोई गैस की किल्लत पर सरकार को आईना दिखाने का एक नया और प्रभावी माध्यम है। विपक्षी दलों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का बहाना बनाकर सरकार घरेलू बाजार में हो रही कालाबाजारी और कुप्रबंधन को छिपा रही है। जैसे-जैसे संसद का सत्र आगे बढ़ रहा है, विपक्षी खेमा महंगाई और ईंधन संकट के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए और भी आक्रामक रणनीतियां तैयार कर रहा है।
Read More: Tamil Nadu Election 2026: GK Vasan ने जारी किया TMC का घोषणापत्र, शराबबंदी और किसानों पर बड़ा दांव
Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने अपनी कमर कस ली…
Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और शांति समझौतों को…
Middle East Crisis: दुनिया के नक्शे पर पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में गहराते युद्ध और…
Kaushambi Accident: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है।…
Israel-Iran War: मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर भीषण धमाकों से दहल उठी है।…
Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तपिश अब महाराष्ट्र की राजनीति तक पहुँच गई…
This website uses cookies.