TMC Symbol Row : तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। आयोग के अनुसार, फिलहाल ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुट ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल एवं घास’ चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। यह व्यवस्था अंतिम निर्णय होने तक लागू रहेगी।
आयोग ने पार्टी में दो प्रतिद्वंद्वी गुट माने
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उसके सामने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस में दो प्रतिद्वंद्वी गुट सामने आए हैं। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, जबकि दूसरा अरूप रॉय के नेतृत्व में बताया गया है। दोनों पक्ष पार्टी के प्रतिनिधित्व का दावा कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि इस विवाद पर चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत विस्तृत निर्णय किया जाना बाकी है।
दोनों गुटों को मिलेगा अलग नाम और चुनाव चिन्ह
अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों गुटों को अलग-अलग नाम से चुनावी प्रक्रिया में पहचाना जाएगा। आयोग ने दोनों पक्षों को अपने लिए तीन-तीन नाम प्राथमिकता के क्रम में सुझाने को कहा है। इसके अलावा दोनों गुटों को आयोग की ओर से अधिसूचित मुक्त चुनाव चिन्हों की सूची में से तीन-तीन विकल्प देने होंगे। इनमें से एक नाम और एक चिन्ह आयोग द्वारा आवंटित किया जाएगा।
18 सितंबर सुबह 11 बजे तक देना था विकल्प
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक अपने पसंदीदा नाम और चुनाव चिन्ह के विकल्प देने का निर्देश दिया था। यह प्रक्रिया आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनावों को ध्यान में रखकर तय की गई है। आयोग के मुताबिक, दोनों पक्षों को अलग-अलग पहचान देने की यह व्यवस्था मौजूदा चुनावी प्रक्रिया के लिए अंतरिम तौर पर लागू होगी।
उपचुनावों को देखते हुए लिया गया फैसला
आयोग ने कहा कि पैरा 15 के तहत विवाद का अंतिम और विस्तृत निपटारा करने के लिए तत्काल उपलब्ध समय पर्याप्त नहीं है। दूसरी ओर, आगामी उपचुनावों में पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल को लेकर तत्काल निर्णय जरूरी था। इसी वजह से आयोग ने दोनों गुटों के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम व्यवस्था लागू की है।
विवाद की सुनवाई के बाद आया आदेश
पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण, नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दोनों पक्षों ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा था। आयोग ने सितंबर में दोनों गुटों के प्रतिनिधियों की सुनवाई की। इसके बाद 17 सितंबर को भी संबंधित पक्षों को सुना गया और उपलब्ध दस्तावेजों तथा दावों पर विचार करने के बाद अंतरिम आदेश जारी किया गया।
पश्चिम बंगाल के उपचुनावों पर पड़ा असर
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनाव होने हैं। आयोग के अंतरिम आदेश के अनुसार, दोनों गुटों को इन चुनावों के लिए अलग नाम और अलग चुनाव चिन्ह के साथ आगे बढ़ना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित हैं।
अंतिम फैसला अभी बाकी है
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा आदेश अंतिम फैसला नहीं है। ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल एवं घास’ चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर अंतिम निर्णय पैरा 15 के तहत विस्तृत प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि भविष्य में पार्टी का आधिकारिक नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह किस गुट को मिलेगा।
अब आगे आयोग की विस्तृत सुनवाई महत्वपूर्ण
अंतरिम आदेश के बाद दोनों गुटों को अलग चुनावी पहचान के साथ मौजूदा उपचुनावों में भाग लेने की व्यवस्था की गई है। वहीं, पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण और नाम-चिन्ह के दावे पर आयोग की अंतिम कार्यवाही आगे जारी रहेगी। अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिन्ह पर आयोग किस पक्ष के दावे को मान्यता देता है।
Read More : Sonam Wangchuk Padyatra: मौसम ने बदला प्लान, अब 23 सितंबर को लेह में करेंगे 20 KM मार्च