Tonk Violence Update: राजस्थान के टोंक शहर में मंगलवार की देर रात सांप्रदायिक संवेदनशीलता वाले इलाके में तनाव फैल गया। पुरानी टोंक थाना क्षेत्र के संघपुरा मोहल्ले में पुरानी रंजिश को लेकर दो अलग-अलग समुदायों के पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प और भारी पथराव में बदल गया। घटना के बाद इलाके में लोग समूहों में एकत्रित होने लगे, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के जवान मौके पर पहुँचे और भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तीन थानों का जाब्ता और RAC तैनात
होली के पर्व और रमजान के पवित्र महीने के दौरान हुई इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के तीन प्रमुख थाना क्षेत्रों—पुरानी टोंक, शहर कोतवाली और सदर थाने का भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस लाइन से रिजर्व फोर्स और RAC की टुकड़ियों को संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च के लिए लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घायलों का उपचार और पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें
इस हिंसक संघर्ष में एक पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घायलों के अस्पताल पहुँचते ही वहाँ भी समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस ने समझाइश कर शांत कराया। टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल मौके पर शांति कायम है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस हमले पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। चौहान ने आरोप लगाया कि ‘दहशतगर्दों’ ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत भीड़ के रूप में हमला किया है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कानूनी प्रक्रिया: रिपोर्ट के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना के कारणों की तह तक जाने के लिए दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है। डीएसपी ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से जो भी लिखित शिकायत या रिपोर्ट दी जाएगी, उसके आधार पर निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वर्तमान में संघपुरा और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। टोंक जिला प्रशासन स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि त्योहारों के इस मौसम में भाईचारा बना रहे।


















