Trump India-Pak Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशिया की राजनीति में अपने हस्तक्षेप को लेकर बड़ा दावा किया है। गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को गाजा में शांति स्थापित करने के लिए आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए पिछले संघर्ष का जिक्र किया। इस बार उनके दावों में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ देखने को मिला है, जहाँ उन्होंने मार गिराए गए लड़ाकू विमानों की संख्या को लेकर पिछली बातों से अलग आंकड़े पेश किए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और जेट गिराने का नया दावा
डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों में अक्सर 6-7 फाइटर जेट गिराए जाने की बात करते थे, लेकिन अब उन्होंने इस संख्या को बढ़ाकर 11 कर दिया है। उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लड़ाकू विमान गिरे थे। ट्रंप ने कहा, “उस समय जंग चरम पर थी, 11 महंगे जेट मार गिराए गए थे।” हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इन दावों को पहले भी कई बार सिरे से खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि संघर्ष विराम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत का परिणाम था।
200% टैरिफ की धमकी और ट्रेड डील का दबाव
ट्रंप ने अपनी ‘सौदागर’ वाली छवि को दोहराते हुए बताया कि उन्होंने किस तरह दोनों देशों को युद्ध रोकने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, “मैंने पीएम मोदी और पाकिस्तानी नेतृत्व से बात की। मैंने उन्हें सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि अगर तुम लोग इस विवाद को नहीं सुलझा पाए, तो मैं तुम दोनों के साथ ट्रेड डील खत्म कर दूँगा।” ट्रंप ने आगे दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। उनके मुताबिक, जब भारी आर्थिक नुकसान और व्यापार बंद होने की बात आई, तो दोनों देशों ने युद्ध का विचार त्याग दिया।
ट्रंप का दावा: “मैंने बचाईं 25 मिलियन जानें”
शांति प्रयासों का श्रेय लेते हुए ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के एक कथित बयान का हवाला दिया। ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तानी पीएम ने हमारे चीफ ऑफ स्टाफ से कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने 25 मिलियन (2.5 करोड़) लोगों की जानें बचाईं, जब उन्होंने हमारे और भारत के बीच छिड़ी जंग को रुकवाया।” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि दोनों देश युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन अमेरिका के आर्थिक दबाव ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती का किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने करीबी रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैं पीएम मोदी को बहुत अच्छे से जानता हूँ। मैंने उनसे बात की और वह इस शांति प्रक्रिया से बहुत उत्साहित हैं।” ट्रंप ने मंच से चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि “शायद वे (मोदी) अभी हमें देख रहे होंगे, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।” ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को एक बड़े ‘पीसमेकर’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत का रुख: कूटनीति से सुलझा मामला
ट्रंप के इन दावों पर भारतीय विदेश मंत्रालय का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है। भारत का कहना है कि सैन्य और कूटनीतिक फैसलों में तीसरे देश का दबाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संवाद मुख्य होता है। ट्रंप के ’11 जेट’ वाले दावे को रक्षा विशेषज्ञों ने भी संदेहास्पद माना है, क्योंकि आधिकारिक तौर पर किसी भी देश ने इतने बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय गलियारों में बहस छेड़ दी है।

















