Iran-US War 2026
Iran-US War 2026: मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। बुधवार को अपनी सोशल मीडिया साइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि राष्ट्र को संबोधित करने से ठीक पहले ईरान के राष्ट्रपति ने उनसे संपर्क किया और युद्धविराम (Ceasefire) की गुहार लगाई। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अपने चरम पर है। ट्रंप ने इस दावे के साथ ही ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है कि अमेरिका की शर्तें माने बिना किसी भी तरह की शांति संभव नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान के वर्तमान नेतृत्व की तुलना उनके पूर्ववर्तियों से करते हुए उन्हें ‘कम कट्टरपंथी’ और ‘अधिक समझदार’ बताया। उन्होंने लिखा, “ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति ने अभी-अभी संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है!” हालांकि, ट्रंप ने शांति के लिए एक कड़ी शर्त भी रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका सीजफायर पर तभी विचार करेगा जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से स्वतंत्र, खुला और साफ कर दिया जाएगा। ट्रंप ने आगे लिखा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह कर देगा और उसे ‘पाषाण युग’ (Stone Age) में वापस भेज देगा।
ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयानों से युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। मंगलवार देर रात एक साक्षात्कार में अराघची ने तेहरान के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि ईरान के लोगों से धमकियों और समयसीमा की भाषा में बात नहीं की जा सकती। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव या डेडलाइन को स्वीकार नहीं करेगा। अराघची का यह बयान ट्रंप के उन दावों को सीधे तौर पर चुनौती देता है जिसमें उन्होंने ईरान की ओर से झुकने की बात कही थी।
ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने भी ट्रंप के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। IRGC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के “बेतुके दिखावों” और धमकियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। सेना ने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान का पूर्ण और मजबूत नियंत्रण है। IRGC ने स्पष्ट किया कि वे राष्ट्र के दुश्मनों के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और होर्मुज की स्थिति उनके रणनीतिक हितों के अनुसार ही तय होगी।
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से सीजफायर की इच्छा जताने का दावा किया है। युद्ध की शुरुआत से ही ट्रंप लगातार इस तरह की बातें कहते रहे हैं, जबकि तेहरान हर बार इनका खंडन करता आया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि कूटनीतिक बयानों और मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) के बीच जमीनी स्तर पर हमले जारी हैं। एक तरफ ट्रंप अपनी शर्तों पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी संप्रभुता और होर्मुज पर नियंत्रण छोड़ने को तैयार नहीं है। इस गतिरोध ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
ट्रंप के इस नए दावे के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। क्या वास्तव में ईरान के भीतर सत्ता का एक धड़ा युद्ध खत्म करना चाहता है, या यह ट्रंप की रणनीति का हिस्सा है जिससे ईरान के भीतर मतभेद पैदा किए जा सकें? फिलहाल, ईरान की ओर से ट्रंप की इस ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सैन्य तैयारियों और बयानों को देखकर लगता है कि यह संघर्ष अभी और लंबा खिंच सकता है। पूरी दुनिया अब व्हाइट हाउस और तेहरान से निकलने वाले अगले आधिकारिक संदेश का इंतजार कर रही है।
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