Trump India drug list: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारत को उन 23 देशों की सूची में शामिल किया है, जहां से अवैध मादक पदार्थों (ड्रग्स) का उत्पादन और तस्करी होती है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इन देशों के कारण अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है।

इस सूची में भारत के साथ चीन और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं, जिसने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन-कौन से देश हैं लिस्ट में?
‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन’ नामक इस आधिकारिक रिपोर्ट में जिन 23 देशों का नाम लिया गया है, वे हैं:भारत, चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, कोलंबिया, मैक्सिको, वेनेजुएला, बोलीविया, बहामास, बेलीज, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, एल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, निकारागुआ, पनामा और पेरू। इन देशों को ट्रंप प्रशासन ने अवैध ड्रग्स के उत्पादन और तस्करी के मुख्य स्रोत के रूप में चिन्हित किया है।
ट्रंप का भारत पर बड़ा आरोप
15 सितंबर 2025 को अमेरिकी संसद में पेश रिपोर्ट में ट्रंप ने कहा:“ये देश अवैध ड्रग्स और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स के जरिए अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।”हालांकि ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि इस सूची में किसी देश का होना उसकी सरकार की नीयत या अमेरिका से सहयोग की कमी को नहीं दर्शाता।
चीन को लेकर ट्रंप का तीखा बयान
ट्रंप ने चीन पर फेंटेनाइल और अन्य नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा: “चीन, फेंटेनाइल और मेथामफेटामाइन जैसी घातक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। चीनी नेतृत्व को इन रासायनों की आपूर्ति रोकने और अपराधियों पर कार्रवाई करने की ज़रूरत है।”
भारत को क्यों जोड़ा गया सूची में?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत दुनिया में फार्मा और केमिकल्स का बड़ा उत्पादक देश है। कुछ केमिकल्स का उपयोग अवैध ड्रग्स निर्माण में हो सकता है, हालांकि भारत सरकार ड्रग्स विरोधी अभियान और अमेरिका से सहयोग में लगातार सक्रिय रही है।
भारतीय अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इस कदम को भारत के लिए अपमानजनक और अनावश्यक रूप से कठोर माना जा रहा है।
अफगानिस्तान, बोलीविया जैसे देशों को फटकार
रिपोर्ट में पांच देशों – अफगानिस्तान, बोलीविया, म्यांमार, कोलंबिया और वेनेजुएला – को विशेष रूप से ड्रग्स के खिलाफ अपर्याप्त प्रयास करने वाला बताया गया है। अमेरिका ने इनसे तुरंत सुधार की चेतावनी दी है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को इस तरह की विवादास्पद सूची में शामिल करना, जबकि भारत खुद ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है, एक राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद को जन्म दे सकता है।
यह कदम न केवल भारत-अमेरिका संबंधों पर असर डाल सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और स्थिति स्पष्ट करने की उम्मीद है।










