Donbas handover Ukraine : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया को चौंका दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद यूरोपीय नेताओं को फोन कर यूक्रेन में “तत्काल शांति” का फॉर्मूला बताया।
ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं से बातचीत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की रूस को डोनबास का पूरा क्षेत्र सौंप दें – यहां तक कि वे हिस्से भी जो फिलहाल रूसी कब्जे में नहीं हैं – तो युद्ध तुरंत समाप्त किया जा सकता है। ट्रंप ने इस योजना का समर्थन करते हुए कहा कि यही रास्ता “तुरंत शांति” की ओर ले जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप सोमवार, 18 अगस्त 2025 को जेलेंस्की के साथ इस मुद्दे पर अहम बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में प्रमुख यूरोपीय नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि पुतिन के साथ मुलाकात के बाद ट्रंप ने सीजफायर की मांग छोड़ दी है। उनका मानना है कि एक व्यापक शांति समझौता, साधारण युद्धविराम से कहीं अधिक प्रभावी हो सकता है।
यूक्रेन और यूरोपीय देशों ने ट्रंप के इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि रूस को कोई भी क्षेत्र सौंपना न केवल संविधान का उल्लंघन होगा, बल्कि देश की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ भी होगा। जेलेंस्की पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन किसी भी तरह की “भूमि के बदले शांति” की नीति को नहीं अपनाएगा।
पुतिन ने अपनी ओर से यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र सौंपने के बदले देश के अन्य हिस्सों में युद्ध विराम की पेशकश की है। उन्होंने यहां तक दावा किया है कि वह भविष्य में यूक्रेन या किसी यूरोपीय देश पर हमला नहीं करेंगे और इस बात का लिखित आश्वासन भी देने को तैयार हैं।
हालांकि, यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यूक्रेन को अपनी भूमि को लेकर फैसले का पूरा अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बलपूर्वक नहीं बदली जा सकतीं। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने की कोई बात नहीं की, जबकि यूरोपीय देश स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक रूस यूक्रेन में हत्याएं बंद नहीं करता, तब तक वे आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाए रखेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप के इस नए और विवादास्पद प्रस्ताव से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां ट्रंप इसे तत्काल शांति का रास्ता मानते हैं, वहीं यूक्रेन और उसके सहयोगी इसे आत्मसमर्पण जैसी रणनीति कह रहे हैं। अब सबकी निगाहें 18 अगस्त की बैठक पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में यूक्रेन युद्ध की दिशा तय कर सकती है।
DC vs RR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में कठिन दौर से…
Strait of Hormuz Reopening : पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों और गहराते कूटनीतिक गतिरोध…
NCB Drug Bust : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ…
Raja Shivaji Box Office : मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा अब…
Petrol Diesel Prices : भारत में आम जनता की जेब पर महंगाई की एक और…
SECR Cancelled Trains : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से सफर करने…
This website uses cookies.