Trump Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित नए अमेरिकी सैन्य हमलों को लेकर अहम बयान दिया है। ट्रंप के मुताबिक, तेहरान के साथ सार्थक बातचीत चल रही है और अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत और संभावित समझौते को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों पर अभी भी नजर बनी हुई है।
3 नवंबर को होंगे अमेरिका के मध्यावधि चुनाव
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में अमेरिका के मध्यावधि चुनाव की तारीख का उल्लेख किया। उनके बयान के अनुसार, 3 नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा। मध्यावधि चुनाव में अमेरिकी मतदाता कांग्रेस के सदस्यों और विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों के चुनाव में हिस्सा लेते हैं। इस चुनाव का अमेरिकी घरेलू राजनीति के साथ-साथ विदेश नीति पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप की घोषणा को उनकी सार्वजनिक राजनीतिक प्रतिबद्धता के रूप में समझना चाहिए।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी जारी रखने का दावा
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के समुद्री यातायात पर होर्मुज स्ट्रेट में लगाई गई नाकाबंदी जारी रहेगी। उनके अनुसार, प्रतिबंधों के बावजूद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से रिकॉर्ड मात्रा में तेल गुजर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस तेल परिवहन में ईरान का तेल शामिल नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है।
ट्रंप ने 2.2 करोड़ बैरल तेल गुजरने की बात कही
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में दावा किया कि पिछली रात होर्मुज स्ट्रेट से लगभग 2.2 करोड़ बैरल तेल गुजरा। उन्होंने कहा कि इसमें एक भी बैरल तेल ईरान से नहीं आया और न ही ईरान गया। यह आंकड़ा ट्रंप के सार्वजनिक दावे पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है। तेल की आपूर्ति, समुद्री परिवहन और नाकाबंदी से जुड़े घटनाक्रम का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार तथा तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान कब देगा अमेरिकी शांति प्रस्ताव का जवाब?
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि तेहरान आने वाले कुछ दिनों में अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब दे सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और मध्यस्थों के माध्यम से लगातार संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। इस प्रक्रिया को संभावित समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बातचीत के परिणाम और समझौते की शर्तों को लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखा सेवन-डे प्लान
ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के मुताबिक, अराघची ने बताया कि ईरान पहले ही अमेरिका के सामने ‘सेवन-डे प्लान’ नाम से अपना प्रस्ताव रख चुका है। उनके अनुसार, ईरान को अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया भी मिल गई है। अब तेहरान की ओर से अगले कुछ दिनों में जवाब दिए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस योजना की विस्तृत शर्तें और अमेरिकी प्रतिक्रिया का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
कूटनीतिक बातचीत के बीच आगे क्या होगा?
ट्रंप का चुनाव से पहले हमले नहीं करने का बयान और ईरान की ओर से प्रस्ताव पर जवाब देने के संकेत, दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक गतिविधियों को सामने लाते हैं। दूसरी ओर, होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी जारी रखने की घोषणा बताती है कि तनाव कम करने के प्रयासों के साथ दबाव की रणनीति भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में ईरान के जवाब, अमेरिकी प्रतिक्रिया और समुद्री मार्ग की स्थिति से यह स्पष्ट हो सकता है कि बातचीत किसी समझौते की ओर बढ़ती है या नहीं।
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