Trump Iran News
Trump Iran News : मिडल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है, जहाँ अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग अब ‘कयामत’ के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट और बेहद कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को फिर से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान में ‘तबाही का दरवाजा’ खोल देगा। ट्रंप के इस बयान ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है और वैश्विक बाजारों में चिंता की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति ने साफ किया है कि मंगलवार की रात ईरान के लिए आखिरी समय सीमा (Deadline) साबित हो सकती है।
सोमवार को अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने एक रोमांचक रेस्क्यू ऑपरेशन का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिकी सेना ने दुश्मन के इलाके में घुसकर अपने F-15 पायलट को बचाया। ट्रंप ने गर्व के साथ कहा, “दुनिया में किसी के पास भी अमेरिका जैसे अत्याधुनिक हथियार नहीं हैं। हमने 200 सैनिकों और 21 विमानों की मदद से अपने घायल पायलट को सुरक्षित निकाला।” इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए दुश्मन को गुमराह करने हेतु 7 अलग-अलग टीमें भेजी गई थीं। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि इस सफल मिशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को खरोंच तक नहीं आई, हालांकि उन्होंने मिशन की जानकारी लीक होने पर नाराजगी जताई और दोषियों को ढूंढ निकालने का संकल्प लिया।
युद्ध को टालने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 10-सूत्रीय प्रतिक्रिया भेजी है। ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित ‘अस्थायी सीजफायर’ को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह केवल कुछ समय की शांति नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर ‘स्थायी समाधान’ चाहता है। ईरान की मांगों में आर्थिक प्रतिबंधों से पूरी तरह राहत, युद्ध से हुए नुकसान के लिए पुनर्निर्माण सहायता और क्षेत्रीय संघर्षों का पूर्ण अंत शामिल है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने भी पुष्टि की है कि वे सीजफायर के छोटे प्रस्तावों को स्वीकार नहीं करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों में ईरान की सैन्य शक्ति पर प्रहार करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि आज का ईरान एक महीने पहले की तुलना में बहुत कमजोर हो चुका है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास इतनी ताकत है कि वह पूरे ईरान को महज एक रात में खत्म कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जनरल कासिम सुलेमानी जीवित होते, तो स्थिति कुछ और होती, लेकिन वर्तमान ईरानी नेतृत्व के पास अब उतनी क्षमता नहीं बची है। ट्रंप ने ईरान में हुए पिछले विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के शासन ने अपने ही 45,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है, जो अस्वीकार्य है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ट्रंप ने कुछ चौंकाने वाले बयान भी दिए। उन्होंने कहा कि ईरानी लोग अब बमों की आवाज सुनने के आदी हो चुके हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह उन अमेरिकियों को क्या कहेंगे जो युद्ध के खिलाफ हैं, तो ट्रंप ने उन्हें ‘मूर्ख’ करार दिया। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि यदि संभव होता तो वह ईरान का सारा तेल अपने नियंत्रण में ले लेते, लेकिन अमेरिकी जनता अब सैनिकों की घर वापसी चाहती है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह इस युद्ध को अब हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी बड़ा कदम क्यों न उठाना पड़े।
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