Trump Kim Jong Un Meeting : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि अपने प्रस्तावित एशिया दौरे के दौरान वह उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से मुलाकात कर सकते हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक इस संभावित बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पत्रकार के सवाल पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह अपनी एशिया यात्रा के दौरान किम जोंग उन से मिलने पर विचार कर रहे हैं। इस सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात कर सकते हैं और ऐसा होना काफी रोमांचकारी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को उत्तर कोरिया के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच संवाद की संभावनाओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नवंबर में चीन के शेनझेन जाएंगे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप की योजना 18 और 19 नवंबर को चीन के शेनझेन में आयोजित होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी APEC शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने की है। इस सम्मेलन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक सहयोग और साझा मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान किम जोंग उन के साथ संभावित मुलाकात को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया के नेता के साथ बैठक के लिए कोई औपचारिक कार्यक्रम तय किया गया है या नहीं।
पहले भी मुलाकात की इच्छा जता चुके हैं ट्रंप
ट्रंप इससे पहले भी किम जोंग उन से मिलने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अगस्त में उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक उनकी उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात हो सकती है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच संभावित बातचीत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालिया बयान ने इन अटकलों को एक बार फिर हवा दे दी है।
तीन बार आमने-सामने मिल चुके हैं दोनों नेता
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन अब तक तीन बार आमने-सामने मुलाकात कर चुके हैं। उनकी पहली ऐतिहासिक बैठक जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद फरवरी 2019 में वियतनाम की राजधानी हनोई में दोनों नेता मिले। तीसरी मुलाकात जून 2019 में पनमुनजोम के उस गांव में हुई, जो अंतर-कोरियाई सीमा के पास स्थित है। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों में सुधार और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाना था।
परमाणु हथियारों के मुद्दे पर भी अहम हैं संबंध
शनिवार को ओहायो में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता के साथ अपने संबंधों को अच्छा बताया। उन्होंने परमाणु हथियार रखने वाले देशों के नेताओं के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, बातचीत की संभावना को केवल रियायत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
अमेरिका ने बातचीत के लिए खुले रखे दरवाजे
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट पहले ही कह चुके हैं कि ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को किसी तरह की रियायत नहीं मानते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के अनुकूल होती है, तो वाशिंगटन प्योंगयांग के साथ बातचीत करने को तैयार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ट्रंप के एशिया दौरे के दौरान किम जोंग उन के साथ मुलाकात की योजना वास्तव में आगे बढ़ती है।
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